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साइबर वित्तीय धोखाधड़ी पर त्वरित कार्रवाई के लिए हरियाणा पुलिस की नई e-Zero FIR पहल
चंडीगढ़।
₹ 01 लाख या उससे अधिक की साईबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत 1930 पर दर्ज होते ही प्रारंभ होगी e-Zero FIR की प्रक्रिया।
हरियाणा पुलिस द्वारा साईबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने एवं अपराधियों के विरुद्ध शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से e-Zero FIR की नई व्यवस्था लागू की गई है। यह महत्वपूर्ण पहल हरियाणा के *पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल, भा.पु.से. के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में शुरू की गई है।*
इस पहल के अंतर्गत यदि किसी नागरिक के साथ ₹ 1 लाख या उससे अधिक की साईबर वित्तीय धोखाधड़ी होती है और वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराता है, तो शिकायत प्राप्त होते ही e-Zero FIR की प्रक्रिया स्वतः प्रारंभ कर दी जाएगी। इससे प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई में होने वाली देरी समाप्त होगी तथा साइबर अपराधियों तक शीघ्र पहुंच बनाकर ठगी गई राशि को सुरक्षित कराने के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे।
e-Zero FIR दर्ज होने के तुरंत बाद संबंधित शिकायत को जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थाना अथवा साइबर थाना को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेज दिया जाएगा। इससे पुलिस बिना विलंब जांच प्रारंभ कर सकेगी, डिजिटल साक्ष्यों (Digital Evidence) को समय रहते सुरक्षित एवं एकत्रित कर सकेगी तथा बैंक एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के समन्वय से धोखाधड़ी की राशि को तत्काल होल्ड (Hold) एवं ब्लॉक (Block) कराने की कार्रवाई भी शीघ्र सुनिश्चित की जा सकेगी।
*पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री सुमित कुमार, भा.पु.से.* ने इस संबंध में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रबंधकों, साइबर थाना एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि e-Zero FIR व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, साइबर अपराधों से संबंधित प्रत्येक शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा आमजन को इस नई व्यवस्था के बारे में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर ठगी के मामलों में अपराधी कुछ ही मिनटों में ठगी गई राशि को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित कर देते हैं। ऐसी स्थिति में शिकायत दर्ज कराने में थोड़ी-सी देरी भी धनराशि की रिकवरी को प्रभावित कर सकती है। इसलिए साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर नागरिक बिना समय गंवाए तुरंत 1930 पर कॉल करें तथा अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक खाता विवरण, ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचें तथा सोशल मीडिया एवं मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्राप्त संदिग्ध संदेशों के प्रति सतर्क रहें।
श्री सुमित कुमार ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस के प्रयासों से ही संभव नहीं है, बल्कि नागरिकों की जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि हरियाणा पुलिस की इस जनहितकारी पहल की जानकारी अपने परिवार, मित्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में प्रत्येक पीड़ित को समय पर कानूनी सहायता और त्वरित कार्रवाई का लाभ मिल सके।
जिला पुलिस भिवानी आमजन से अपील करती है कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। आपकी त्वरित सूचना ही आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने में सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
— पुलिस प्रवक्ता,
जिला पुलिस भिवानी।।