*वीरभद्र सिंह ने राजनीति में ही नहीं, प्रदेशवासियों के दिलों पर भी किया राज - मुकेश अग्निहोत्री*
*आधुनिक हिमाचल प्रदेश के निर्माता थे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह*
*वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला से निकले अनेक विधायक, सांसद और नेता*
*वीरभद्र सिंह और डॉ. वाई.एस. परमार के योगदान को कभी नहीं भुला सकता हिमाचल प्रदेश*
बुशहर स्पोर्ट्स कल्चर एंड एनवायरनमेंट एसोसिएशन की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण रविवार को सराहन में किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए जबकि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, चेयरमैन पर्यटन विकास निगम आर एस बाली सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।
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इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने न केवल हिमाचल प्रदेश की राजनीति पर राज किया, बल्कि लगभग पांच दशकों तक प्रदेशवासियों के दिलों में भी अपनी विशेष जगह बनाए रखी। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह एक युगपुरुष, दूरदर्शी राजनेता और आधुनिक हिमाचल प्रदेश के निर्माता थे, जिनका प्रदेश के विकास में योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह केवल रामपुर अथवा रोहड़ू के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में उनकी समान स्वीकार्यता और लोकप्रियता थी। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में लोग उनका सम्मान करते थे। चाहे ऊना, कांगड़ा और हमीरपुर हो या कुल्लू, आनी, पांगी, भरमौर तथा लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्र, हर जगह उनका विशेष प्रभाव और लोगों से आत्मीय जुड़ाव था।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह का राजनीतिक अनुभव अत्यंत व्यापक था। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह सहित अनेक प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया। उनका राजनीतिक जीवन अनुभव, जनसेवा और विकास के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण रहा है।
*वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला से मिली जनसेवा की प्रेरणा*
उप मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन में वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्हें उनके मंत्रिमंडल में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने ही उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया।
उन्होंने कहा, "मैं वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला का विद्यार्थी रहा हूं। उनकी शिक्षा और मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि मैं पिछले 25 वर्षों से लगातार विधायक के रूप में जनता की सेवा कर रहा हूं।"
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में अनेक विधायकों, सांसदों और नेताओं को तैयार किया। उनके नेतृत्व में राजनीति की बारीकियां सीखने वाले अनेक जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुकेश अग्निहोत्री ने ठाकुर कौल सिंह और ठाकुर रामलाल जैसे वरिष्ठ नेताओं के राजनीतिक योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई विधानसभा चुनाव जीतकर जनता का विश्वास अर्जित किया। उनका राजनीतिक अनुभव नई पीढ़ी के नेताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
*रामपुर और रोहड़ू क्षेत्र के विकास में वीरभद्र सिंह की दूरदर्शिता का अहम योगदान*
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रामपुर और रोहड़ू क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास कार्य वीरभद्र सिंह की दूरदर्शी सोच का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब प्रदेश की राजनीति के सभी रास्ते रोहड़ू की ओर जाते थे। वीरभद्र सिंह का राजनीतिक प्रभाव और जनाधार इतना व्यापक था कि प्रदेश की राजनीति में उनकी केंद्रीय भूमिका रही।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने रामपुर से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन इस क्षेत्र के विकास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्थापित जलविद्युत परियोजनाएं, सड़कों का विस्तार तथा आधारभूत ढांचे का विकास उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि आज रामपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने वाला विकास वीरभद्र सिंह की विकासपरक नीतियों और पहाड़ी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के विकास को भी विशेष प्राथमिकता दी। उनकी सोच थी कि विकास का लाभ हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे।
*डॉ. परमार ने हिमाचल बनाया, वीरभद्र सिंह ने दिया आधुनिक स्वरूप*
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में दो महान नेताओं के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। इनमें हिमाचल निर्माता डॉ. वाई.एस. परमार और आधुनिक हिमाचल के निर्माता वीरभद्र सिंह शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यदि डॉ. वाई.एस. परमार नहीं होते तो हिमाचल प्रदेश का गठन संभव नहीं हो पाता और यदि वीरभद्र सिंह नहीं होते तो आज हिमाचल प्रदेश का जो विकसित और आधुनिक स्वरूप दिखाई देता है, उसकी कल्पना करना कठिन होता।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*गरीब और जरूरतमंद की सेवा हमेशा रही सर्वोच्च प्राथमिकता*
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह राजनीति के कुशल रणनीतिकार होने के साथ-साथ संवेदनशील जन नेता भी थे। उन्होंने लगभग पांच दशकों तक प्रदेश की राजनीति को दिशा दी, लेकिन उनके राजनीतिक जीवन का मूल उद्देश्य गरीब, कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सेवा करना रहा।
उन्होंने कहा कि गरीबों का कल्याण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना वीरभद्र सिंह के एजेंडे में हमेशा सर्वोपरि रहा। यही कारण है कि आज भी प्रदेश के लाखों लोग उन्हें आदर और सम्मान के साथ याद करते हैं।
*वीरभद्र सिंह की विरासत को संजोने के लिए प्रतिबद्ध प्रदेश सरकार*
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के योगदान और उनकी महान विरासत का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित कर उन्हें सम्मान दिया है।
उन्होंने कहा कि रिज मैदान पर देश और प्रदेश की महान विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित हैं और वीरभद्र सिंह का स्थान भी उन्हीं महान व्यक्तित्वों के बीच है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वीरभद्र सिंह की आदमकद प्रतिमाओं की स्थापना उनके प्रति जनता के अटूट सम्मान और स्नेह का प्रतीक है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह ऐसे जन नेता थे जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह हिमाचल प्रदेश के इतिहास और प्रदेशवासियों के दिलों में सदैव जीवित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार वीरभद्र सिंह के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ते हुए हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उनके आदर्श, विचार और दूरदर्शी सोच आने वाली पीढ़ियों को भी जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
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*वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में हिमाचल ने विकास के नए आयाम स्थापित किए - रोहित ठाकुर*
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के गौरव थे, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से प्रदेश के विकास को नई दिशा प्रदान की। उनके नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि कभी विकास के मामले में पिछड़े पहाड़ी राज्यों में गिने जाने वाले हिमाचल प्रदेश की आज एक विकास मॉडल के रूप में पहचान है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के निर्माण और विकास में डॉ. वाई.एस. परमार, ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह जैसे महान नेताओं का अतुलनीय योगदान रहा है। इन नेताओं की दूरदर्शिता, जनसेवा की भावना और विकासपरक नीतियों के कारण ही प्रदेश वर्तमान स्थिति तक पहुंचा है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2003 में जब वह और मुकेश अग्निहोत्री पहली बार विधायक बने थे, उस समय वीरभद्र सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उन्हें वीरभद्र सिंह का वह मूल मंत्र आज भी याद है, जिसमें वह *‘सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास’* की भावना पर जोर देते थे। उन्होंने कहा कि यही सोच कांग्रेस सरकार की विकास नीति का आधार रही है और इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है।
*महान नेताओं की स्मृतियों को संजोना हमारा नैतिक दायित्व*
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अमर नहीं होता, लेकिन समाज और प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महान नेताओं के विचार और आदर्श हमेशा जीवित रहते हैं। ऐसे जननायकों का स्मरण करना और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह जैसे नेताओं ने हिमाचल प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। डॉ. वाई.एस. परमार के समय से लेकर वीरभद्र सिंह के कार्यकाल तक प्रदेश ने विकास के विभिन्न पड़ाव तय किए और अपनी अलग पहचान बनाई। समय के साथ परिवर्तन आवश्यक है, लेकिन विकास की मूल भावना, सिद्धांतों और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
रोहित ठाकुर ने कहा कि यदि हम अपने महान नेताओं की विचारधारा से दूर हो जाएंगे, तो हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट पहचान भी प्रभावित होगी। इसलिए उनके आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य करना आवश्यक है।
*लोक निर्माण विभाग में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुए महत्वपूर्ण कार्य*
शिक्षा मंत्री ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने विभाग में अच्छा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) सहित विभिन्न योजनाओं के तहत सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उल्लेखनीय स्वीकृतियां और बजट आवंटन प्राप्त हुए हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में झाकड़ी क्षेत्र के लिए लगभग 127 करोड़ रुपये की राशि से संबंधित स्वीकृति प्राप्त हुई है, जो क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि सड़कें प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण संपर्क और पर्यटन विकास की आधारशिला हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित होने से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच बनाने में सहायता मिलती है। शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम के आयोजकों, युवा नेता राहुल सैनी, मंडल कांग्रेस के पदाधिकारियों और सभी सहयोगियों को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महान नेताओं के योगदान को याद करने और उनकी विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि वीरभद्र सिंह सहित प्रदेश के महान नेताओं द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए हिमाचल प्रदेश विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। शिक्षा मंत्री ने सभी लोगों से महान नेताओं के आदर्शों को अपनाने और हिमाचल प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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*पूरा हिमाचल प्रदेश वीरभद्र सिंह की कर्मस्थली और जन्मभूमि रहा - विक्रमादित्य सिंह*
इस अवसर पर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह को किसी विशेष स्थान तक सीमित नहीं किया जा सकता। पूरा हिमाचल प्रदेश उनकी कर्मस्थली और जन्मभूमि रहा है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह मां भीमाकाली को सदैव अपनी आराध्य शक्ति मानते थे और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव के बावजूद मां भीमाकाली का आशीर्वाद लेते रहे।
उन्होंने कहा कि मां भीमाकाली के प्रांगण में वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण सभी लोगों की सामूहिक भावना थी। उनकी जन्मस्थली सराहन में इस प्रतिमा का अनावरण उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि अष्टमी का दिन इस आयोजन के लिए सबसे उपयुक्त था, क्योंकि मुख्यमंत्री रहते हुए भी वीरभद्र सिंह प्रदेश के किसी भी कोने में हों, अष्टमी के दिन मां भीमाकाली का आशीर्वाद लेने सराहन अवश्य आते थे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने पूरे कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश का चौमुखी विकास सुनिश्चित किया। वह छः बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और उनके नेतृत्व में विकास की मजबूत नींव रखी गई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वीरभद्र सिंह की सोच को आगे बढ़ाते हुए हिमाचल प्रदेश के हर क्षेत्र का विकास किया जाएगा। विशेष रूप से रामपुर विधानसभा क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के विकास को आगे ले जाना सभी का दायित्व है।
*रामपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क विकास कार्य प्रगति पर*
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि रामपुर विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग सहित सभी विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। उनका प्रयास रहा है कि प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ क्षेत्र को मिले तथा अधिक से अधिक सड़कों का उन्नयन किया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से सड़क उन्नयन के कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क सुविधा बेहतर होगी और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि झाकड़ी के ब्रॉनी खड्ड पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित थी। उन्होंने कई बार दिल्ली जाकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से इस विषय में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछले दिन उनके जन्मदिन के अवसर पर रामपुर विधानसभा क्षेत्र को यह शुभ उपहार मिला और पुल निर्माण के लिए 127 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखना उनका दायित्व है। प्रदेश के विकास के लिए वह निरंतर इसी भावना के साथ कार्य करते रहेंगे।
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*युग पुरुष को हमेशा याद रखा जाएगा - आर एस बाली*
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन आर एस बाली ने कहा कि इतिहास के पन्नों में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण लिखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश के हर वर्ग के लिए हमेशा अपना जीवन दिया है। उन्होंने स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को हिमाचल प्रदेश का युगपुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन प्रदेश की सेवा और विकास के लिए समर्पित किया। उनका योगदान सदियों तक याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने हर बुजुर्ग, महिला, युवा और बच्चे की समस्याओं को अपनी समस्या समझा तथा जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। हिमाचल प्रदेश के विकास में उनके योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
आर एस बाली ने प्रतिभा सिंह का आभार व्यक्त करते हुए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह तथा समारोह में उपस्थित सभी वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की विचारधारा, जनसेवा की भावना और विकास की विरासत को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए प्रदेश की सेवा करेंगे।
*यह रहे मौजूद*
पूर्व सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस प्रतिभा सिंह, विधायक कुलदीप सिंह राठौर, विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, प्रदेश कांग्रेस सह प्रभारी विदित चौहान, हिमफैड चेयरमैन महेश्वर चौहान, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, पूर्व सीपीएस नीरज भारती, पूर्व यूथ कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोनिका भारती, पूर्व विधायक किशोरी लाल, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी, जैनब चंदेल, अध्यक्ष एससी डिपार्टमेंट रमेश चौहान, युवा नेता विकास कल्टा, निदेशक पर्यटन निगम यशपाल सोनी, जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र रेटका, जिला परिषद सदस्य रौनी राणा, जिला परिषद सदस्य अनुराधा, निदेशक कैलाश फेडरेशन त्रिलोक भूलनी, पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी, महेंद्र स्तान, स्थानीय नेता बृज लाल, डॉ अमरीन कौर सेखों, जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी हरि किशन हिमराल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, जय सिंह मेहता, संजीव सोनी, शेर सिंह, राहुल सोनी, दीपक सूद सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।
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