चारपाई पर सो रहे पति-पत्नी को डंपर से कुचलने वाला आरोपी गिरफ्तार,
लेकिन धरना अभी भी जारी
बीकानेर। बीकानेर जिले की गजनेर थाना पुलिस ने डम्फर से कुचलकर एक व्यक्ति की हत्या और उसकी पत्नी व बेटे की हत्या के प्रयास के मामले का महज 24 घंटे में पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में उपयोग लिया गया डम्फर भी जब्त कर लिया है। आरोपी घटना के बाद लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों की सूचना और कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर उसका पीछा कर उसे दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार 21 सितम्बर को सूरजड़ा निवासी जेठाराम पुत्र पूनमाराम मेघवाल ने गजनेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 20 सितम्बर की दोपहर करीब दो बजे उसकी 15-16 बकरियां खेत के बाहर चर रही थीं। इस दौरान पड़ोसी गांव डेह निवासी बाबूलाल पुत्र फताराम उर्फ किसनाराम नायक उन्हें रोककर ले जाने लगा। इस पर जेठाराम के पिता पूनमाराम तथा खेत मालिक सुरेन्द्र कुमार ने उसे टोका तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी और मौके से भाग गया। जल्दबाजी में उसका मोबाइल फोन वहीं गिर गया था।
इसी रंजिश को लेकर अगले दिन 21 सितम्बर की सुबह करीब पांच बजे आरोपी डम्फर लेकर खेत रोही शरह किशनायत स्थित ढाणी में पहुंच गया। आरोप है कि उसने जान से मारने की नीयत से चारपाई पर सो रहे पूनमाराम और उनकी पत्नी पूनम देवी के ऊपर डम्फर चढ़ा दिया। हादसे में पूनमाराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पूनम देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। उन्हें उपचार के लिए पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात के बाद भी नहीं रुका। उसने ढाणी के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल डम्फर के चेसिस में फंस गई और करीब 250 मीटर तक घिसटती चली गई। इसके बाद आरोपी फरार हो गया।
रिपोर्ट में बताया कि जब जेठाराम अपनी घायल मां के उपचार के लिए वाहन की व्यवस्था करने राष्ट्रीय राजमार्ग-11 की ओर गया, तब आरोपी वापस डेह की दिशा से डम्फर लेकर आया और उस पर भी डम्फर चढ़ाने का प्रयास किया। हालांकि जेठाराम समय रहते कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई। इस दौरान उसकी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई।
परिवादी की रिपोर्ट पर गजनेर थाना पुलिस ने हत्या व हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों के निर्देशन में थानाधिकारी ओमप्रकाश सुथार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल और एमओबी टीम को बुलाया। घटनास्थल की
वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करवाई गई तथा मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए। क्षतिग्रस्त दोनों मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया गया। वहीं वारदात में प्रयुक्त डम्फर को भी कब्जे में लेकर एफएसएल और एमओबी टीम ने उससे आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, ताकि गिरफ्तारी से बच सके। पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए आरोपी का लगातार पीछा किया और वारदात के मात्र 24 घंटे के अंदर डेह निवासी बाबूलाल पुत्र फताराम उर्फ किसनाराम नायक (27) को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल आरोपी से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी की कार्रवाई में थानाधिकारी ओमप्रकाश सुथार, उपनिरीक्षक रविन्द्र कुमार, कांस्टेबल कालूराम, जोगाराम तथा चालक कांस्टेबल वीरेन्द्र सिंह की विशेष भूमिका रही।
*धरना अभी भी जारी*
इस प्रकरण में पीडिता परिवार के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। जिनकी मांग है कि पीडित परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए, एक सदस्या को नौकरी, घायल मृतक की पत्नी के ईलाज में लगने वाला पूरा खर्च तथा केस को फास्ट ट्रेक के तहत चलाकर आरोपी को कठोर सजा दिलाई जाए। धरने पर मंगलवार को पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी सहित सैकड़ों मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन के साथ वार्ता हुई, लेकिन वार्ता में बेनतीजा रही।
वहीं, सोमवार को इसी प्रकरण में पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल भी धरने पर बैठे थे, जिन्होंने प्रशासन के सामने पीडित परिवार की मांगे रखी थी।