पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित।
जिला परिवहन पदाधिकारी, नवादा श्री नवीन कुमार पांडेय की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के सफल संचालन, समयबद्ध कार्रवाई तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम राहत योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना के उपरांत गोल्डन आवर के भीतर त्वरित एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि समय पर उपचार सुनिश्चित कर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु एवं गंभीर चोटों की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
समीक्षा के दौरान योजना के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। बताया गया कि योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम ₹1.50 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 07 दिन तक का उपचार योजना के अंतर्गत आच्छादित है।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि नॉन-लाइफ थ्रेटनिंग (Non-Life Threatening) मामलों में 24 घंटे के भीतर ई-डीएआर (eDAR) की प्रक्रिया पूर्ण की जाए, जबकि लाइफ थ्रेटनिंग (Life Threatening) मामलों में 48 घंटे के भीतर ई-डीएआर (eDAR) की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार एवं योजना का लाभ प्राप्त हो सके।
उन्होंने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹1.50 लाख तक की कैशलेस उपचार सुविधा सुनिश्चित करने, उपचार की सात-दिवसीय अवधि का पूर्ण उपयोग कराने तथा सभी पात्र मामलों को eDAR पोर्टल पर समयबद्ध रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही, उपचार में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी की स्थिति में संबंधित पदाधिकारियों एवं संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया।
जिला परिवहन पदाधिकारी श्री नवीन कुमार पांडेय ने कहा कि सभी संबंधित विभाग, पुलिस प्रशासन, आयुष्मान भारत योजना से जुड़े पदाधिकारी, एनआईसी तथा सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पताल आपसी समन्वय एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर के भीतर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके तथा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।
बैठक में अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी), एनआईसी के जिला संसाधन प्रबंधक (डीआरएम) एवं निजी अस्पतालों के संचालक उपस्थित थे।
नवादा से राकेश कुमार चन्दन की रिपोर्ट !
Nawada, Nawada | Jul 8, 2026