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सड़क पर धरने पर बैठे जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल,, गढ़ीधार-ढुंग सड़क नहीं खुलने पर भड़का जनाक्रोश, जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद भी कार्रवाई अधूरी रहने का आरोप, फोटो खींचकर मशीन हटाने की कही बात, रुद्रप्रयाग जिले में पिछले 16 दिनों से बंद पड़ी गढ़ीधार-ढुंग मोटर मार्ग को यातायात के लिए खोलने तथा मार्ग को स्थायी समाधान के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी)/पीएमजीएसवाई को हस्तांतरित किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। शिष्टमंडल ने क्षेत्रवासियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल सड़क खोलने के निर्देश दिए। इसके बाद विभाग की ओर से सड़क खोलने की कार्रवाई के फोटो एवं वीडियो भी जारी किए गए।

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जखोली के सिलगढ़ व बांगर में भारी बारिश व भूस्खलन से भारी तबाही, पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा!! प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने की प्रशासन से की मांग,

रुद्रप्रयाग जिले के विकासखण्ड जखोली की सिलगढ व बांगर पट्टियों के विभिन्न गांवों में भारी बारिश से भूस्खलन व जगह जगह मलबा भरने से काश्तकारों के आवासीय भवन व कृषि भूमि तबाह हो गई है। इसी के साथ बरसिर बधाणी मोटर मार्ग पर जगह-जगह मल्वा गिरने से अवरुद्ध हो गया है। 

पूर्व क्षेत्र पंचायत प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम साथ लेकर प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित परिवारों की क्षति का आंकलन कर प्रशासन से अविलंब मुआवजा देने की मांग की है। मंगलवार रात विकासखण्ड जखोली की ग्राम पंचायत पौंठी के ह्यूना तोक में भारी बारिश से करीब दस परिवारों के घरों में भारी मल्वा घुसने से मकानों को भारी नुक्सान पहुंचा है। 

वहीं पौंठी गांव में भी भारी बारिश के कारण बरसिर बधाणी मोटर मार्ग पौंठगाड,मुन्याघर गांव के ऊपर व खलियाण बांगर के पास से आने वाले गदेरे से मोटर मार्ग को काफी क्षति हुई है, मार्ग का मल्वा भारी बारिश के कारण लोगों के आवासीय घरों, गौशालाओं व कृषि भूमि में घुसकर कर भारी तबाही मचाई है। वहीं धारकुड़ी बांगर में भी भारी बारिश से गदेरे ने बिकराल रुप लेकर लोगों के धान की खेतों की भारी तबाही पहुंचायी है। वहीं बांगर पट्टी के लिस्वाल्टा गांव में भूस्खलन होने से ग्रामीणों के आवासीय भवनों को भारी खतरा बन गया है। 

पूर्व क्षेत्र पंचायत प्रमुख व कांग्रेस नेता प्रदीप थपलियाल ने बुधवार को पौंठी,ह्यूना,मुन्याघर,खलियाण,लिस्वाल्टा, जखवाड़ी, सन् व धारकुड़ी बांगर के प्रभावित परिवारों से मिले। उनके साथ राजस्व व कृषि विभाग की टीम भी मौके पर जाकर क्षति का आंकलन किया है। पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने शासन प्रशासन से प्रभावित परिवारों को अविलंब मुआवजा देने की मांग की है।

उन्होंने शासन प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया तो वे स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र भ्रमण के दौरान उनके साथ जिला पंचायत सदस्य खलियाण घ्यालू लाल, क्षेपंस जयेन्द्र सिंह रावत, प्रधान प्रतिनिधि रमेश कण्डारी, तेज सिंह रावत,क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि बरसिर जयदीप पंवार, प्रधान धारकुड़ी स्नेहलता,आजाद पंवार, पूर्व क्षेपंस लिस्वाल्टा भीम सिंह रावत,सुखवीर सिंह जाखी, विजय सिंह रावत, प्रदीप रावत, विजयदीप रावत आदि मौजूद थे।

जखोली के सिलगढ़ व बांगर में भारी बारिश व भूस्खलन से भारी तबाही, पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा!! प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने की प्रशासन से की मांग, रुद्रप्रयाग जिले के विकासखण्ड जखोली की सिलगढ व बांगर पट्टियों के विभिन्न गांवों में भारी बारिश से भूस्खलन व जगह जगह मलबा भरने से काश्तकारों के आवासीय भवन व कृषि भूमि तबाह हो गई है। इसी के साथ बरसिर बधाणी मोटर मार्ग पर जगह-जगह मल्वा गिरने से अवरुद्ध हो गया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम साथ लेकर प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित परिवारों की क्षति का आंकलन कर प्रशासन से अविलंब मुआवजा देने की मांग की है। मंगलवार रात विकासखण्ड जखोली की ग्राम पंचायत पौंठी के ह्यूना तोक में भारी बारिश से करीब दस परिवारों के घरों में भारी मल्वा घुसने से मकानों को भारी नुक्सान पहुंचा है। वहीं पौंठी गांव में भी भारी बारिश के कारण बरसिर बधाणी मोटर मार्ग पौंठगाड,मुन्याघर गांव के ऊपर व खलियाण बांगर के पास से आने वाले गदेरे से मोटर मार्ग को काफी क्षति हुई है, मार्ग का मल्वा भारी बारिश के कारण लोगों के आवासीय घरों, गौशालाओं व कृषि भूमि में घुसकर कर भारी तबाही मचाई है। वहीं धारकुड़ी बांगर में भी भारी बारिश से गदेरे ने बिकराल रुप लेकर लोगों के धान की खेतों की भारी तबाही पहुंचायी है। वहीं बांगर पट्टी के लिस्वाल्टा गांव में भूस्खलन होने से ग्रामीणों के आवासीय भवनों को भारी खतरा बन गया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत प्रमुख व कांग्रेस नेता प्रदीप थपलियाल ने बुधवार को पौंठी,ह्यूना,मुन्याघर,खलियाण,लिस्वाल्टा, जखवाड़ी, सन् व धारकुड़ी बांगर के प्रभावित परिवारों से मिले। उनके साथ राजस्व व कृषि विभाग की टीम भी मौके पर जाकर क्षति का आंकलन किया है। पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने शासन प्रशासन से प्रभावित परिवारों को अविलंब मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने शासन प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया तो वे स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र भ्रमण के दौरान उनके साथ जिला पंचायत सदस्य खलियाण घ्यालू लाल, क्षेपंस जयेन्द्र सिंह रावत, प्रधान प्रतिनिधि रमेश कण्डारी, तेज सिंह रावत,क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि बरसिर जयदीप पंवार, प्रधान धारकुड़ी स्नेहलता,आजाद पंवार, पूर्व क्षेपंस लिस्वाल्टा भीम सिंह रावत,सुखवीर सिंह जाखी, विजय सिंह रावत, प्रदीप रावत, विजयदीप रावत आदि मौजूद थे।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 29, 2026

कंधे पर मोटरसाइकिल उठाकर बंद सड़क पार करने निकला युवक, पत्थरों की बारिश ने रोका कदम, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल!!

देवसारी मोटरमार्ग पर भूस्खलन के बीच जान जोखिम में डालकर बाइक निकालने की कोशिश, लोगों ने समझाइश देकर लौटाया वापस

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। चमोली जनपद की थराली तहसील अंतर्गत अवरुद्ध देवसारी मोटरमार्ग का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक अपनी मोटरसाइकिल को कंधे पर उठाकर बंद पड़े मार्ग को पहाड़ी के रास्ते पार कराने का साहसिक प्रयास करता दिखाई दे रहा है। हालांकि पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों और मलबे के कारण उसे बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर भारी भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह ठप है। ऐसे में युवक ने अपनी मोटरसाइकिल को किसी तरह सुरक्षित दूसरी ओर ले जाने की ठानी। उसने बाइक को कंधे पर उठाया और पहाड़ी की चढ़ाई शुरू कर दी, लेकिन ऊपर से लगातार गिरते पत्थरों ने स्थिति को बेहद खतरनाक बना दिया। जान का जोखिम बढ़ता देख आसपास मौजूद लोगों ने उसे आगे बढ़ने से रोका और समझाइश देकर वापस लौटा लिया।

वीडियो में मौजूद अन्य युवक उसे भरोसा दिलाते हुए दिखाई देते हैं कि उसकी मोटरसाइकिल सुरक्षित रहेगी और उसे उसके परिचित के पास रखवा दिया जाएगा। इसके बाद युवक ने अपनी जान को प्राथमिकता देते हुए जोखिम भरा प्रयास छोड़ दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा युवक जियो कंपनी का कर्मचारी बताया जा रहा है, जो कंपनी के कार्य से देवसारी क्षेत्र आया था। सड़क बंद होने के कारण उसकी मोटरसाइकिल वहीं फंस गई थी। वाहन को निकालने की जल्दबाजी में उसने ऐसा कदम उठाया, जिसे लोग साहस और लापरवाही—दोनों नजरियों से देख रहे हैं।

सौभाग्य से समय रहते उसने अपना निर्णय बदल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
उधर, लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कें अभी भी बाधित हैं।

 पहाड़ियों से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के चलते लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि बंद मार्गों पर किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें और मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

फिलहाल युवक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग एक ओर उसके हौसले की सराहना कर रहे हैं, तो दूसरी ओर इसे जानलेवा जोखिम बताते हुए ऐसे कदमों से बचने की सलाह भी दे रहे हैं।

कंधे पर मोटरसाइकिल उठाकर बंद सड़क पार करने निकला युवक, पत्थरों की बारिश ने रोका कदम, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल!! देवसारी मोटरमार्ग पर भूस्खलन के बीच जान जोखिम में डालकर बाइक निकालने की कोशिश, लोगों ने समझाइश देकर लौटाया वापस लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। चमोली जनपद की थराली तहसील अंतर्गत अवरुद्ध देवसारी मोटरमार्ग का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक अपनी मोटरसाइकिल को कंधे पर उठाकर बंद पड़े मार्ग को पहाड़ी के रास्ते पार कराने का साहसिक प्रयास करता दिखाई दे रहा है। हालांकि पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों और मलबे के कारण उसे बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर भारी भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह ठप है। ऐसे में युवक ने अपनी मोटरसाइकिल को किसी तरह सुरक्षित दूसरी ओर ले जाने की ठानी। उसने बाइक को कंधे पर उठाया और पहाड़ी की चढ़ाई शुरू कर दी, लेकिन ऊपर से लगातार गिरते पत्थरों ने स्थिति को बेहद खतरनाक बना दिया। जान का जोखिम बढ़ता देख आसपास मौजूद लोगों ने उसे आगे बढ़ने से रोका और समझाइश देकर वापस लौटा लिया। वीडियो में मौजूद अन्य युवक उसे भरोसा दिलाते हुए दिखाई देते हैं कि उसकी मोटरसाइकिल सुरक्षित रहेगी और उसे उसके परिचित के पास रखवा दिया जाएगा। इसके बाद युवक ने अपनी जान को प्राथमिकता देते हुए जोखिम भरा प्रयास छोड़ दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा युवक जियो कंपनी का कर्मचारी बताया जा रहा है, जो कंपनी के कार्य से देवसारी क्षेत्र आया था। सड़क बंद होने के कारण उसकी मोटरसाइकिल वहीं फंस गई थी। वाहन को निकालने की जल्दबाजी में उसने ऐसा कदम उठाया, जिसे लोग साहस और लापरवाही—दोनों नजरियों से देख रहे हैं। सौभाग्य से समय रहते उसने अपना निर्णय बदल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। उधर, लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कें अभी भी बाधित हैं। पहाड़ियों से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के चलते लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि बंद मार्गों पर किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें और मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। फिलहाल युवक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग एक ओर उसके हौसले की सराहना कर रहे हैं, तो दूसरी ओर इसे जानलेवा जोखिम बताते हुए ऐसे कदमों से बचने की सलाह भी दे रहे हैं।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 29, 2026

खेत में घास काट रही बुजुर्ग महिला पर गुलदार का खूनी हमला, 65 वर्षीय नारायणी देवी ने दरांती से किया पलटवार, मौत के मुंह से लौटी जिंदा,,

 देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में मानव–वन्यजीव संघर्ष का एक और भयावह मामला सामने आया है। बसुकेदार तहसील के कोटी पठालीधार गांव में 65 वर्षीय महिला पर घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। लेकिन पहाड़ की इस वीर महिला ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए हाथ में मौजूद दरांती से गुलदार का डटकर मुकाबला किया और अपनी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार, नारायणी देई देवी, पत्नी पुष्कर सिंह रावत, रोज की तरह खेतों के किनारे घास काट रही थीं। तभी झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते गुलदार ने उनके हाथ, पैर और शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह नोच डाला। महिला लहूलुहान हो गई, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
जीवन और मौत के बीच चल रही इस जंग में नारायणी देवी ने घास काटने वाली दरांती उठाई और पूरी ताकत से गुलदार पर पलटवार कर दिया। उनके साहस के आगे गुलदार भी पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग निकला।
हैरानी की बात यह रही कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद नारायणी देवी ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी घास की कंडी उठाई और किसी तरह खुद ही घर पहुंचीं। खून से लथपथ मां को देखकर पुत्र पंकज उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि लेकर पहुंचे।
सीएचसी अगस्त्यमुनि में तैनात डॉ. निधि ने बताया कि महिला के हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अस्पताल पहुंची, जबकि दूसरी टीम कोटी गांव में मौके का निरीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई के लिए रवाना कर दी गई।
लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों से दहशत
रुद्रप्रयाग जनपद में इस वर्ष गुलदार के हमलों की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जंगल और खेतों में काम करने वाली महिलाओं, किसानों और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त, गुलदार की निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
एक ओर नारायणी देवी का साहस पूरे पहाड़ के लिए प्रेरणा बन गया है, वहीं यह घटना मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर होती चुनौती पर बड़ा सवाल भी खड़ा करती है।

खेत में घास काट रही बुजुर्ग महिला पर गुलदार का खूनी हमला, 65 वर्षीय नारायणी देवी ने दरांती से किया पलटवार, मौत के मुंह से लौटी जिंदा,, देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में मानव–वन्यजीव संघर्ष का एक और भयावह मामला सामने आया है। बसुकेदार तहसील के कोटी पठालीधार गांव में 65 वर्षीय महिला पर घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। लेकिन पहाड़ की इस वीर महिला ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए हाथ में मौजूद दरांती से गुलदार का डटकर मुकाबला किया और अपनी जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, नारायणी देई देवी, पत्नी पुष्कर सिंह रावत, रोज की तरह खेतों के किनारे घास काट रही थीं। तभी झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते गुलदार ने उनके हाथ, पैर और शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह नोच डाला। महिला लहूलुहान हो गई, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जीवन और मौत के बीच चल रही इस जंग में नारायणी देवी ने घास काटने वाली दरांती उठाई और पूरी ताकत से गुलदार पर पलटवार कर दिया। उनके साहस के आगे गुलदार भी पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग निकला। हैरानी की बात यह रही कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद नारायणी देवी ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी घास की कंडी उठाई और किसी तरह खुद ही घर पहुंचीं। खून से लथपथ मां को देखकर पुत्र पंकज उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि लेकर पहुंचे। सीएचसी अगस्त्यमुनि में तैनात डॉ. निधि ने बताया कि महिला के हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अस्पताल पहुंची, जबकि दूसरी टीम कोटी गांव में मौके का निरीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई के लिए रवाना कर दी गई। लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों से दहशत रुद्रप्रयाग जनपद में इस वर्ष गुलदार के हमलों की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जंगल और खेतों में काम करने वाली महिलाओं, किसानों और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त, गुलदार की निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। एक ओर नारायणी देवी का साहस पूरे पहाड़ के लिए प्रेरणा बन गया है, वहीं यह घटना मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर होती चुनौती पर बड़ा सवाल भी खड़ा करती है।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 29, 2026

गुरुपूर्णिमा पर संत सम्मान: मुख्यमंत्री की प्रेरणा से रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी ने स्वामी धर्मानन्द जी महाराज को किया सम्मानित,,

सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं आध्यात्मिक परंपरा के संवर्धन का दिया संदेश,,

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेशभर में संत-महात्माओं के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने रुद्रनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर पूज्य स्वामी धर्मानन्द जी महाराज को अंगवस्त्र एवं सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संत परंपरा के सम्मान के लिए यह विशेष पहल की गई है। उन्होंने कहा कि संत समाज सदैव राष्ट्र और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। संतों की प्रेरणा से सेवा, संस्कार, सद्भाव और राष्ट्र निर्माण की भावना सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि गुरुपूर्णिमा केवल गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति आस्था को सुदृढ़ करने का भी अवसर है।

गुरुपूर्णिमा पर संत सम्मान: मुख्यमंत्री की प्रेरणा से रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी ने स्वामी धर्मानन्द जी महाराज को किया सम्मानित,, सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं आध्यात्मिक परंपरा के संवर्धन का दिया संदेश,, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेशभर में संत-महात्माओं के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने रुद्रनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर पूज्य स्वामी धर्मानन्द जी महाराज को अंगवस्त्र एवं सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संत परंपरा के सम्मान के लिए यह विशेष पहल की गई है। उन्होंने कहा कि संत समाज सदैव राष्ट्र और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। संतों की प्रेरणा से सेवा, संस्कार, सद्भाव और राष्ट्र निर्माण की भावना सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि गुरुपूर्णिमा केवल गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति आस्था को सुदृढ़ करने का भी अवसर है।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 29, 2026