नसीराबाद: अजमेर की पहचान रहे तांगे अब इतिहास बनने की कगार पर
रविवार को रात्रि 8:00 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार अजमेर की पहचान रहे तांगे अब इतिहास बनने की कगार परएक दौर था जब अजमेर शहर की पहचान तांगा और घोड़ा गाड़ियों से होती थी। शहर की सड़कों पर घोड़ों की टापों की आवाज और तांगों की आवाजाही आम बात थी। उस समय जब शहर में टेंपो, ऑटो और बसों जैसी सुविधाएं नहीं थीं, तब तांगे ही आमजन की “लाइफ लाइन” माने जाते थे।