*साहब इन्हें न्याय दो*
छतरपुर। एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक मासूम बच्ची बार-बार "मम्मी... मम्मी..." कहकर एक महिला को पुकारती दिखाई दे रही है। वहीं, महिला का दावा है कि बच्चे उसके नहीं हैं।
दूसरी ओर, महिला के पहले पति और उसके मायके पक्ष के कुछ लोगों का कहना है कि महिला की उम्र 27 वर्ष है और उसके दो बच्चे हैं, जबकि महिला स्वयं अपनी उम्र 21 वर्ष बता रही है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
यदि वीडियो और लगाए जा रहे आरोप सही हैं, तो सबसे बड़ा सवाल उन मासूम बच्चों के भविष्य और उनके अधिकारों का है। वहीं, यदि मामला पारिवारिक या कानूनी विवाद का है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होना भी उतना ही जरूरी है।
आपकी राय में ऐसे मामलों में सबसे पहले किस बात को प्राथमिकता मिलनी चाहिए—बच्चों का हित, कानूनी जांच, या कुछ और? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।