▪️जिले में पराली प्रबंधन हेतु मिलकर करेंगे प्रयास- कलेक्टर श्री सिसोनिया
▪️पराली जलाने से होने वाले नुकसान को रोकने वैकल्पिक उपाय अपनाने का किया आव्हान
▪️कलेक्टर ने किसानों को स्वयं जनरेट करके दिखाया खाद के लिए ई-टोकन
▪️कलेक्ट्रेट में किसान संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक सम्पन्न, सिंचाई हेतु बिजली, खाद वितरण सहित किसानों जुड़ी समस्याओं पर हुई चर्चा
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जिले में किसानों की समस्याओं के निराकरण, कृषि कार्यों को सुगम बनाने और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर श्री रोहित सिसोनिया ने किसान संगठनों के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में कृषि कार्यों के दौरान आने वाली कठिनाइयों के समाधान के साथ पराली प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्वयं किसानों को मोबाईल से ई टोकन जनरेट करने की प्रक्रिया भी बताई
बैठक में किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति, खाद की उपलब्धता, खेतों में नीचे लटकती विद्युत लाइनों तथा आड़े-तिरछे विद्युत पोलों सहित किसानों से जुड़ी अन्य समस्याओं से अवगत कराया। कलेक्टर श्री सिसोनिया ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए वह तत्पर है। साथ ही किसानों को कृषि कार्यों में अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए समन्वय के साथ कार्य जरूरी है।
पराली प्रबंधन के लिए किसानों को करें जागरूक
बैठक में फसल कटाई के बाद खेतों में बचने वाले अवशेषों के प्रबंधन और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री सिसोनिया ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है तथा वायु प्रदूषण बढ़ता है। इसका प्रभाव आमजन के स्वास्थ्य और आसपास के वातावरण पर भी पड़ता है। इसलिए फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करना और पराली जलाने से बचना आवश्यक है।
उन्होंने किसान संगठनों के पदाधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाएं तथा उन्हें पराली जलाने के दुष्परिणामों से अवगत कराएं। साथ ही, फसल अवशेषों के प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ कृषि भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने में भी सहयोग मिल सके।
किसान संगठनों से सहयोग की अपील
कलेक्टर श्री सिसोनिया ने जिले में पराली प्रबंधन हेतु बनाई जा रही कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान और पर्यावरण संरक्षण दोनों महत्वपूर्ण विषय हैं। इनके लिए प्रशासन और किसान संगठनों के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय जरूरी है। किसान संगठनों की सक्रिय भागीदारी से किसानों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने, उनके समाधान की दिशा में कार्य करने और पराली जलाने की प्रवृत्ति को रोकने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर ने स्वयं मोबाइल से जनरेट किया ई-टोकन
किसान संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कलेक्टर श्री रोहित सिसोनिया ने स्वयं मोबाइल से ई-टोकन जनरेट करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने किसानों को ई-टोकन की प्रक्रिया की जानकारी देकर इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया, ताकि उन्हें सुविधा हो और प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कमल सोलंकी सहित कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
#Raisen Jansampark Madhya Pradesh JDjansampark Bhopal Bhopal Commissioner Collector Office Raisen Department of Agriculture, Madhya Pradesh Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India
Raisen, Madhya Pradesh | Oct 22, 2026