गुड़गांव के साहित्यिक मंच पर चमके बक्सर के रोहित दुबे, युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
क्विल एंड कैनवास बुकस्टोर में आयोजित प्रेरक संवाद कार्यक्रम में रखे विचार
नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास और जीवन मूल्यों पर वक्ताओं ने साझा किए अनुभव
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नगर के श्रीकृष्ण नगर कॉलोनी निवासी स्वर्गीय डॉ. बैजनाथ दुबे के पुत्र, लेखक एवं युवा प्रेरक रोहित दुबे ने गुड़गांव स्थित क्विल एंड कैनवास बुकस्टोर में आयोजित एक प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं प्रेरक संवाद कार्यक्रम में अपने विचारों से श्रोताओं को प्रभावित किया. जश्न इवेंट्स द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लेखक, प्रबंधन विशेषज्ञ और विचारक शामिल हुए.
अपने संबोधन में रोहित दुबे ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल करना ही सफलता की गारंटी नहीं है. युवाओं को आत्म-अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और जीवन मूल्यों को भी अपनाना होगा. उन्होंने युवाओं को निरंतर सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने की प्रेरणा दी.
कार्यक्रम में पूर्व सीईओ, छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे रवि वल्लुरी, वरिष्ठ मानव संसाधन विशेषज्ञ एवं जीएम-एचआर सिलादित्य मुखोपाध्याय तथा व्यवहार विशेषज्ञ चेतना श्रीधर ने भी अपने विचार रखे. वक्ताओं ने नेतृत्व, साहित्य, करियर विकास, मानव व्यवहार और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की.
कार्यक्रम का सफल आयोजन जश्न इवेंट्स की संस्थापक सीमा और उनकी टीम द्वारा किया गया. साहित्य, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित इस आयोजन ने लेखकों, पाठकों और युवाओं को एक सार्थक मंच प्रदान किया.
उल्लेखनीय है कि रोहित दुबे "30 Lessons Not Taught in School" तथा "Letter To My Son" जैसी चर्चित पुस्तकों के लेखक हैं. एक लेखक, इंजीनियर और मार्शल आर्टिस्ट के रूप में वे देशभर के विभिन्न मंचों पर युवाओं के व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल और नेतृत्व निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करते रहते हैं. उनकी इस उपलब्धि से बक्सर के साहित्य प्रेमियों और युवाओं में गर्व का माहौल है.
Buxar, Buxar | Jun 22, 2026