⬇️पिथौरागढ़ :- खचाखच भरा श्री रामलीला मैदान सदर, शूर्पणखा नासिका छेदन और सीता हरण का भव्य मंचन !⬇️
श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति सदर पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के षष्ठम दिवस रामलीला मैदान दर्शकों की भीड़ से खचाखच भरा नजर आया। शाम 7:30 बजे से ही दर्शकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। भरत मिलाप, शूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध और सीता हरण की लीलाओं ने दर्शकों को बांधे रखा।
भरत मिलाप के प्रसंग में श्रीराम और भरत के बीच भ्रातृप्रेम, त्याग और मर्यादा का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद पंचवटी में शूर्पणखा श्रीराम को विवाह का प्रस्ताव देती है। श्रीराम के इनकार के बाद वह लक्ष्मण के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखती है, लेकिन लक्ष्मण भी उसे स्वीकार नहीं करते। इसके बाद शूर्पणखा सीता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती है। माता सीता की रक्षा के लिए लक्ष्मण उसकी नासिका छेदन करते हैं। इस प्रसंग का मंचन दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
अपमानित शूर्पणखा अपने भाइयों खर और दूषण को इसकी जानकारी देती है। इसके बाद श्रीराम खर-दूषण का वध कर देते हैं। बहन के अपमान और भाइयों की मृत्यु से क्रोधित रावण मारीच की सहायता से सीता हरण की योजना बनाता है। स्वर्ण मृग के प्रसंग के बाद रावण साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण कर लेता है। इन प्रसंगों के साथ रामलीला की कथा निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई।