अगर एक "नेपाली" इस प्रदेश का मुख्यमंत्री बन सकता है तो उत्तराखंड का कई पीढ़ियों से "मूल निवासी"आशुतोष नेगी इस प्रदेश का मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता?
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"अंकिता भंडारी केस" की पत्रकार-वकील के रूप में हर तरह से मजबूत पैरवी करने पर "धामी सरकार" के इशारे परआशुतोष नेगी पर फ़र्जी एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज़ करने वाले,रात दिन फेसबुक पर गाली लिखने वाले कल्जीखाल ब्लॉक के पयासू गाँव के राजेश सिंह राजा कोली को "सीएम धामी" ने अनुसूचित जाति आयोग का सदस्य बनाकर ईनाम दे दिया है!
आशुतोष नेगी को सोशल मीडिया में गाली लिखने/बोलने और बदनाम करने के लिये लोगों को सरकारी तनख्वा और खर्चा देकर तैनात करती है "भ्रष्ट धामी सरकार"..