राहत से पुनर्बहाली की ओर चित्रकूट, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने संभाली जिम्मेदारी
घाटों, सड़कों और धार्मिक स्थलों की सफाई के साथ प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
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सतना 06 सितम्बर 2026/चित्रकूट में आई बाढ़ के बाद जनजीवन को तेजी से सामान्य स्थिति में लाने के लिए जिला प्रशासन सतना द्वारा राहत, पुनर्वास और पुनर्बहाली के कार्य लगातार जारी हैं। कलेक्टर #सतना डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देशन एवं आयुक्त रीवा संभाग के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अधिकारी, जिला पंचायत का अमला, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सबसे बड़ी चुनौती सड़कों, घाटों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा मिट्टी, सिल्ट, बालू और कचरे को हटाने की है। इसके लिए जेसीबी एवं अन्य संसाधनों की मदद से युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। भारत घाट मार्ग पर जेसीबी से मिट्टी हटाने का कार्य किया जा रहा है, वहीं भारत घाट में सफाई एवं धुलाई का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। घाट को श्रद्धालुओं के स्नान योग्य बनाने के लिए जमा सिल्ट और बालू हटाई जा रही है।
*जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने मिलकर की भारत घाट की सफाई*
भारत घाट की सफाई में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने मिलकर श्रमदान का संदेश दिया। जिला पंचायत सदस्य बरौंधा संजय सिंह और उनकी टीम ने घाट की सफाई का मोर्चा संभाला। टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत श्री Shailendra Singh ने भी प्रतीकात्मक श्रमदान किया। जिला पंचायत सदस्य संजय सिंह ने फावड़ा उठाकर सिल्ट और बालू हटाने में सहभागिता की, वहीं सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह ने तगाड़ी उठाकर सफाई कार्य में श्रमदान किया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि आने वाले दिनों में जिले से अन्य अधिकारी भी चित्रकूट पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों में सेवा कार्य एवं श्रमदान करेंगे। रविवार को जिले के शासकीय अधिकारी-कर्मचारी चित्रकूट पहुंचकर सेवा कार्य और साफ-सफाई के श्रमदान में शामिल होंगे। सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह ने सभी अधिकारी-कर्मचारी को रविवार को प्रातः 9.30 बजे चित्रकूट में उपस्थित होकर स्वच्छता कार्य में श्रमदान करने की अपील की है।
*धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी विशेष सफाई अभियान*
बाढ़ के बाद धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी व्यवस्थित किया जा रहा है। आरोग्यधाम के आसपास जमा मिट्टी को समतल किया जा रहा है तथा वैदेही वाटिका में साफ-सफाई का कार्य चल रहा है। आरोग्यधाम मार्ग की भी सफाई की जा रही है। प्रमोद वन में सामुदायिक भवन के पास जमा कचरे को हटाकर भराव कराया जा रहा है। वहीं रामायणी कुटी मुख्य मार्ग से भी कचरा हटाने का कार्य जारी है। गोदावरी गुफा के अंदर बाढ़ से जमा हुई मिट्टी को भी हटाया जा रहा है। नयागांव में पुराने कार्यालय के सामने सड़क की सफाई कराई जा रही है। इन कार्यों का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों को शीघ्र साफ-सुथरा कर आमजन और श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए सुगम बनाना है। राघव प्रयाग घाट पर भी साफ-सफाई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर और तहसीलदार कमलेश भदौरिया द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्य की निगरानी की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रमुख घाटों और धार्मिक स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित किया जाए। चित्रकूट के बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत गोदाम में प्राप्त सामग्री को व्यवस्थित कर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। राहत सामग्री के वितरण के लिए थैले तैयार करवाए जा रहे हैं, जिन्हें आमजन एवं बाढ़ प्रभावित परिवारों को वितरित किया जाएगा। राहत सामग्री की प्राप्ति, सुरक्षित भंडारण और वितरण में प्रत्येक सामग्री का हिसाब-किताब रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह एवं अपर कलेक्टर विकास सिंह के समन्वय में जिला पंचायत के अमले द्वारा राहत सामग्री को सुरक्षित स्थलों पर रखवाया जा रहा है, ताकि सामग्री व्यवस्थित तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा सके।
चित्रकूट बाढ़ आपदा के दौरान कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देशन में अपर कलेक्टर विकास सिंह राहत एवं पुनर्वास कार्यों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आपदा की स्थिति में इंसीडेंट कमांडर के रूप में वे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए राहत सामग्री, पुनर्वास और मैदानी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह जिला पंचायत के अमले के माध्यम से राहत सामग्री के सुरक्षित भंडारण, पैकिंग और वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं।
*प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री*
बाढ़ प्रभावित परिवारों को जरूरत के अनुसार विभिन्न प्रकार की सामग्री वितरित की जा रही है। बाबाघाट वार्ड क्रमांक-7, नयागांव में 33 लोगों को राहत सामग्री वितरित की गई। प्रमोदवन के नदी उस पार रहने वाले प्रभावित परिवारों को तिरपाल एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। बिजली विभाग की ओर से भी राहत सामग्री के रूप में तिरपाल एवं अंडरगारमेंट उपलब्ध कराए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन वितरण का कार्य भी जारी है।
बाढ़ के बाद पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों के हैंडपंपों में जर्मेक्स डालकर जल शुद्धिकरण का कार्य किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। चित्रकूट आपदा में जरूरतमंदों की सहायता के लिए सतना एवं मैहर जिले के कृषि आदान विक्रेता संघ से जुड़े खाद-बीज व्यापारियों ने भी सहयोग किया। व्यापारियों ने 4 सितंबर को चित्रकूट पहुंचकर प्रभावित परिवारों के बीच आवश्यक राहत सामग्री का वितरण किया। आपदा की घड़ी में व्यापारियों की इस पहल को मानवीय सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की सकारात्मक मिसाल माना जा रहा है। मंदाकिनी नदी के जलस्तर में भी तेजी से कमी दर्ज की गई है। सुबह 9 बजे आरोग्यधाम के पास जलस्तर 135.98 मीटर दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम बाढ़ स्तर 139.60 मीटर है। जलस्तर का ट्रेंड तेजी से घटने की ओर है। जलस्तर कम होने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सफाई और पुनर्बहाली के कार्यों में तेजी लाई जा रही है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, आवागमन, राहत सामग्री वितरण और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को शीघ्र सामान्य किया जाए। प्रशासनिक टीमें लगातार मैदानी स्तर पर मौजूद रहकर प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और जनजीवन को सामान्य स्थिति में लाने के लिए कार्य कर रही हैं। इसी प्रकार संतोषी अखाडा, सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट चित्रकूट, दीन दयाल शोध संस्थान, प्राचीन मुखार के महंत मदन गोपाल दास द्वारा बाढ प्रभावितों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav
#JansamparkMP
25 views | Satna, Madhya Pradesh | Sep 6, 2026