प्रकाशनार्थ।
*यादव समाज को बदनाम व अपमान करने वाले बयानों के खिलाफ सारण यादव प्रगति मिशन का आक्रोश मार्च, मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा का पुतला फूंका*
*किसी व्यक्ति के अपराध के आधार पर पूरी जाति या समाज को अपराध से जोड़ना सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है: मंटू कुमार राय*
*यादव समाज को ‘लुच्चा-लफंगा’ जैसे शब्दों के साथ बदनाम व अपमान करना बंद करे बिहार सरकार: राहुल कुमार यादव*
छपरा, यादव समाज को लेकर बिहार सरकार के मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा के कथित आपत्तिजनक बयानों के विरोध में रविवार को सारण यादव प्रगति मिशन (यादव बैठकी, छपरा) के तत्वावधान में विशाल आक्रोश मार्च निकाल बिहार सरकार में मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा का पुतला फूंक आक्रोश प्रकट किया. मार्च में शामिल लोगों ने किसी अपराध या अपराधी को किसी जाति विशेष से जोड़ने तथा पूरे समाज को अपमानित या बदनाम करने की प्रवृत्ति के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया.
आक्रोश मार्च जिला परिषद कार्यालय नगरपालिका चौक होकर थाना चौक होते हुए पुनः नगरपालिका चौक पहुंचा. यहां प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार के मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा का पुतला दहन कर विरोध जताया. इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र, नौजवान एवं यादव समाज के लोग मौजूद रहे.
मौके पर सभा को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष मंटू कुमार राय ने कहा कि किसी व्यक्ति के अपराध के आधार पर पूरी जाति या समाज को अपराध से जोड़ना सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों से समाज के सभी वर्गों के प्रति जिम्मेदार और संयमित भाषा के प्रयोग की अपेक्षा की जाती है.
संगठन के उपाध्यक्ष राहुल कुमार यादव कहा कि यादव समाज के किसी व्यक्ति द्वारा अपराध किया जाता है तो कानून के अनुसार उस व्यक्ति पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन उसके आधार पर पूरे यादव समाज को ‘लुच्चा-लफंगा’ जैसे शब्दों से संबोधित करना स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि अपराध की कोई जाति नहीं होती और किसी अपराधी के कृत्य के लिए पूरा समाज जिम्मेदार नहीं हो सकता. उनका आंदोलन किसी जाति अथवा समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि जाति के आधार पर किसी भी समाज को बदनाम करने वाली मानसिकता के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारा, समानता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने “श्री भगवान सिंह कुशवाहा मुर्दाबाद”, “यादवों का अपमान बंद करो”, “यादव समाज को टारगेट कर अपमान व बदनाम करना बंद करो”, “यादवों का अपमान नहीं-सहेगा हिंदुस्तान” सहित कई नारे लगाए गए.
आक्रोश मार्च में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध दर्ज कराने का अधिकार संविधान ने प्रत्येक नागरिक को दिया है. इसी अधिकार के तहत शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर सरकार और संबंधित मंत्री से अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने तथा यादव समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों को वापस लेने की मांग की गई. संगठन आगे भी शिक्षा, जागरूकता, सामाजिक एकता, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों के मुद्दों पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा.
प्रदर्शन में मुख्य रूप से मंटू कुमार राय, राहुल कुमार यादव, कमलेश राय, सत्यप्रकाश यादव, सत्येंद्र कुमार यादव, देव सर, एसपी शैलेश यादव, अभिषेक यादव, मिथलेश कुमार राय, अरूण कुमार यादव, लालू यादव, सत्यवीर यादव, रत्नेश कुमार यादव, सिकंदर कुमार यादव, नीतेश कुमार यादव, जितलेश यादव, राजकुमार यादव, राजेश कुमार यादव, छोटू यादव सहित, दर्जनों मौजूद थे.
Panapur, Saran | Sep 27, 2026