🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥
🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿
बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है।
इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है।
वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।
🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं।
✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨
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Banda, Banda | Jun 2, 2026