देहदान की अद्भुत मिसाल! दुखनी साहू का अंतिम निर्णय बना समाज के लिए प्रेरणा | Korba | SA News Chhattisgarh
15 जुलाई 2026 को दुखनी साहू के निधन के बाद उनके परिजनों ने संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से उनका देहदान किया। उनका पार्थिव शरीर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उद्देश्य से स्वर्गीय बिसाहू दास स्मृति महाविद्यालय, कोरबा को समर्पित किया गया।
इस अवसर पर परिवार के सदस्यों, चिकित्सकों, महाविद्यालय के प्रतिनिधियों तथा संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने इसे मानवता, सेवा और समाजहित की प्रेरणादायक पहल बताया।
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी देहदान, रक्तदान, नशामुक्ति, दहेज-मुक्त विवाह एवं अन्नपूर्णा मुहिम जैसे जनकल्याणकारी कार्यों के माध्यम से समाज में सेवा और जागरूकता का संदेश पहुँचा रहे हैं।
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