द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा बनी कठिन परीक्षा,
तीन साल से अधूरा बनातोली झूला पुल, ट्रॉली के सहारे जान जोखिम में डाल रहे श्रद्धालु,, सावन में बढ़ी भीड़ से घंटों इंतजार, 2013 की आपदा के बाद आज तक नहीं बन सके स्थायी इंतजाम,
विश्व प्रसिद्ध द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ-साथ कठिन परीक्षा भी बन गई है। धाम के प्रमुख आधार शिविर बनातोली में मधु गंगा नदी पर निर्माणाधीन झूला पुल पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसके चलते स्थानीय ग्रामीणों और हजारों श्रद्धालुओं को आज भी ट्रॉली और अस्थायी लकड़ी की पुलिया के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। बरसात के दौरान मधु गंगा का जलस्तर बढ़ते ही अस्थायी पुलिया बह जाती है, जिससे ट्रॉली ही आवाजाही का एकमात्र साधन बचता है। ऐसे में प्रतिदिन लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं और किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।