हरदोई: प्राथमिक विद्यालय कोटरा में मौत को दावत दे रही झाड़ियां और जर्जर शौचालय, स्वच्छता अभियान पर उठे सवाल
हरदोई जिले के प्राथमिक विद्यालय कोटरा (ब्लॉक: टड़ियावाँ) से सरकारी दावों और जमीनी हकीकत की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। एक तरफ जहां सरकार परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प और स्वच्छता अभियान पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर इस विद्यालय में फैली गंदगी और बदहाली मासूम बच्चों के भविष्य और जीवन दोनों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
1. 'निष्प्रयोज्य (जर्जर)' और बदहाल शौचालय
विद्यालय परिसर में स्थित शौचालय पूरी तरह से टूट-फूट का शिकार हैं।
एक पुराना शौचालय परिसर में बना है जिस पर स्पष्ट रूप से लाल रंग से "निष्प्रयोज्य (जर्जर)" लिखा गया है।
दूसरा नया शौचालय भी देखरेख के अभाव में बेहद गंदा और बदहाल है। दीवारों पर टाइल्स टूटी हुई हैं, फ़र्श पर गंदगी जमा है और दरवाजों में जंग लगा हुआ है।
स्वच्छ पेयजल और नल की व्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त नज़र आ रही है।
2. परिसर में उगी झाड़ियां, जहरीले जीवों का खतरा
विद्यालय के पूरे प्रांगण, क्लासरूम के पीछे और बाउंड्री वॉल के पास घनी झाड़ियां और जंगली घास उगी हुई है। बरसात के मौसम में इन झाड़ियों में जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों का खतरा हमेशा बना रहता है। छोटे-छोटे मासूम बच्चे इसी माहौल में पढ़ने और खेलने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी अनहोनी घटना घट सकती है।
3. स्वच्छता के बजट का दुरुपयोग
स्कूल की दीवारों पर पढ़े-लिखे समाज और स्वच्छता को बढ़ावा देने वाले बड़े-बड़े स्लोगन और पेंटिंग्स तो बना दी गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि स्वच्छता और रखरखाव के नाम पर आने वाले बजट का बंदरबांट किया जा रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठ रहे बड़े सवाल:
क्या जिम्मेदार अधिकारियों (बीएसए/एबीएसए) को विद्यालय की इस दयनीय स्थिति की जानकारी नहीं है?
यदि जर्जर शौचालय के कारण या झाड़ियों में छिपे जहरीले जीवों से किसी बच्चे के साथ हादसा होता है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
क्या कागज़ों पर चल रहा 'कायाकल्प' अभियान केवल दीवारों की रंगाई-पुताई तक ही सीमित रह गया है?
मांग:
अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने बेसिक शिक्षा विभाग और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि प्राथमिक विद्यालय कोटरा के परिसर की तुरंत साफ-सफाई कराई जाए, झाड़ियों को कटवाया जाए और नए व सुरक्षित शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
Hardoi, Hardoi | Jul 28, 2026