डीएम ने शेखोंपुरसराय के खुड़िया बाजितपुर का किया निरीक्षण।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम से महादलित टोले और ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार।
जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज दिनांक 03 अक्टूबर 2026 को जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद ने शेखोंपुरसराय प्रखंड क्षेत्र के खुड़िया बाजितपुर गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एकीकृत कृषि प्रणाली इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम की स्थापना के लिए चिन्हित भूमि का जायजा लिया। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का जिला पदाधिकारी महोदय का मुख्य उद्देश्य खुड़िया बाजितपुर एवं आसपास के महादलित टोलों के निवासियों को स्थानीय स्तर पर ही स्थायी रोजगार के साधनों से जोड़ना है। निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी महोदय ने उपस्थित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए जल्द से जल्द उत्पादन कार्य शुरू करने का सख्त निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने परियोजना को सफल बनाने हेतु संबंधित विभागों को स्पष्ट कार्य-योजना के तहत जिम्मेदारियां सौंपी गई।
वहां बसे महादलित परिवार की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से मुर्गी पालन (पोल्ट्री फार्मिंग) शुरू कराने का निर्देश दिया गया। परिसर में नए तालाब का निर्माण कराकर उन्नत किस्म का मत्स्य पालन प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया।। उपलब्ध भूमि पर आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बड़े पैमाने पर हरी एवं मौसमी सब्जियों का उत्पादन सुनिश्चित कराने को कहा गया।
मनरेगा अंतर्गत फार्मिंग स्थल की सुरक्षा एवं घेराबंदी के लिए मनरेगा योजना के तहत पक्की चहारदीवारी का निर्माण कराने का निर्देश जारी किया गया।
जीविका दीदियों एवं स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कराने को कहा गया, ताकि वे इस एकीकृत मॉडल के प्रबंधन एवं विपणन में अहम भूमिका निभा सकें।
जिला पदाधिकारी महोदय ने बताया कि इस एकीकृत फार्मिंग सिस्टम के तहत उत्पादित होने वाले मुर्गी, मछली और सब्जियों की निर्बाध खपत के लिए बाजार की व्यवस्था भी स्थानीय स्तर पर ही की जाएगी। उत्पादित सामग्रियों की आपूर्ति जिले के विभिन्न सरकारी कॉलेजों, कल्याण छात्रावासों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के मेस में की जाएगी। इससे एक ओर जहां संस्थानों को ताजा और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उत्पादकों को उनका सही मूल्य और निश्चित बाजार मिल सकेगा।
स्थल निरीक्षण के उपरांत अपर समाहर्ता विभागीय जांच, प्रखंड विकास पदाधिकारी, शेखोंपुरसराय, डीपीएम जीविका, अंचलाधिकारी (सीओ) शेखोंपुरसराय समेत विभिन्न संबंधित विभागों के प्रखंड एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।