उपज से उद्यम
जिले के किसान खेती के साथ उद्यमी भी बनेंगे किसानों के क्लस्टर बनाए गए
किसानों के सहकारी संगठन व्यापक पैमाने पर प्रसंस्करण इकाई लगाकर उद्यम कार्य करेंगे
महत्वपूर्ण कार्यशाला संपन्न
जिले के किसानों को खेती के साथ उद्यमी भी बनाने के लिए कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह द्वारा अभिनव पहल की गई है। किसानों के लिए नियोजित ढंग से कार्य योजना तैयार करके विभिन्न विभागों द्वारा जिले में काम किया जा रहा है। इस पहल के तहत जिले के किसानों के क्लस्टर बनाए गए हैं। फसलवार बनाए गए क्लस्टर के अंतर्गत किसानों के सहकारी संगठन मिलजुल कर काम करेंगे। अपनी संयुक्त प्रसंस्करण इकाई के माध्यम से प्रसंस्करण उद्योग यूनिट लगाकर फसल उत्पाद बेचने का कार्य करेंगे। जिससे वह अधिक मुनाफा कमा सकेंगे।
इस सिलसिले में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित की गई। जिसमें किसानों के साथ-साथ वे उद्यमी भी आए थे। जिनके द्वारा फसलों पर आधारित उद्योग स्थापित किए गए हैं। उपज से उद्यम अभियान के अंतर्गत जिले के किसानो द्वारा फसल उत्पादित की जाएगी। साथ ही उसे फसल को प्रसंस्करण करके अधिक मुनाफा कमाया जाएगा।
कलेक्टर ने कार्यशाला में कहा की जिले के किसान अब तक अपने द्वारा विभिन्न फसलों का उत्पादन करके उसे मात्र मंडी अथवा दिल्ली, जयपुर आदि स्थानों पर भेजते रहे हैं। परंतु अब उससे आगे बढ़कर जिले के किसान शासन की योजनाओं की मदद से उद्यम लगाएंगे। किसान अपनी मूंगफली, तिल, अलसी से तेल निकाल कर बेचने के लिए ऑयल प्लांट लगाएगे। संतरे को न केवल बेचेंगे बल्कि उसका जूस तैयार करेंगे, उसका जेम, उसका स्क्वाश तैयार करेंगे। अमरूद उगा कर उसको बेचने के साथ जेम बनाने की यूनिट भी लगाएंगे।
कार्यशाला में कलेक्टर ने कहा कि जिले में फसलवार बनाए गए क्लस्टर के अंतर्गत मूंगफली के पांच क्लस्टर बनाए गए हैं। यह क्लस्टर उन्ही स्थानो पर बनाए गए हैं जहां ज्यादा मूंगफली उत्पादन होता है। इसी प्रकार भानपुरा क्षेत्र में पान के क्लस्टर बनाए गए हैं। साथ में अमरूद तथा अन्य फसलों के भी क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने बताया कि ऑर्गेनिक फसलों के उत्पादन के साथ ब्रांड बनाया जाकर जिले का लोगो भी बनाया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि किसानों के सहकारी संगठन अपना प्लांट लगाकर प्रसंस्करण उत्पाद तैयार करेंगे। उनको होलसेल तथा रिटेल में बेच सकेंगे जिससे और अधिक मुनाफा कमाया जा सकेगा। कार्यशाला में धनिया क्लस्टर, मिल्क क्लस्टर, ऑरेंज क्लस्टर, गार्लिक क्लस्टर पर जानकारी दी गई। अधिकारियों तथा विशेषज्ञों द्वारा किसानों को सलाह दी गई। फसल बेचने पर मिलने वाली राशि तथा उसके प्रसंस्करण उत्पाद तैयार कर बेचने पर मिलने वाली राशि और मुनाफे की विस्तृत जानकारी दी गई। डॉ. कपिलेश दवे द्वारा मेडिशनल प्लांट की खेती एवं उनसे होने वाले मुनाफे के बारे में बताया गया। उनके द्वारा तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि किसी एक औषधि खेती पर फोकस नहीं करें बल्कि विभिन्न प्रकार के औषधि पौधों की खेती करें ताकि अच्छी कीमत मिल सके घाटा नहीं हो। औषधीय पौधों की गुणवत्ता के लिए आवश्यक है कि शुद्ध आर्गेनिक खेती करे रसायन का छिड़काव नहीं किया जाए।
कार्यशाला में जिले के भानपुरा क्षेत्र के बोरडा ग्राम तथा आसपास के गांव में अधिक मात्रा में की जा रही धनिया की खेती तथा धनिया की ग्रेडिंग के बारे में बताया गया कि किस प्रकार ग्रेडिंग द्वारा अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में 8 लेन एक्सप्रेसवे, फोरलेन सुविधा उपलब्ध है जिससे किसान अपने प्रसंस्करण उत्पादों को दूर दराज तक आसानी से पहुंचा सकते हैं।बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, एसडीएम श्री शुभम पाटीदार, डिप्टी कलेक्टर श्री शुभम गुर्जर, कृषि उपसंचालक श्री रविंद्र मोदी, उपसंचालक उद्यानिकी श्री सोलंकी, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक श्री मंगल रैकवार, लीड बैंक प्रबंधक श्री संजय मोदी तथा कृषक बंधु उपस्थित थे।
#Mandsaur
#मंदसौर
1 views | Mandsaur, Madhya Pradesh | Nov 5, 2026