तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत व जमात लोहरदगा की ज़िलाई मीटिंग हुस्न-ओ-खूबी के साथ संपन्न हुई
जागता झारखंड मोनू अली लोहरदगा: इतवार तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत व जमात लोहरदगा की जानिब से मरकज़ुल हिदाया में एक बेहद अहम और मक़सदपूर्ण ख़ास मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसकी सदारत हज़रत हाफ़िज़ व क़ारी फ़ैज़ान अनवर नोमानी साहब ने फ़रमाई। इस इजलास में इलाके के मुअज्ज़िज़ उलेमा-ए-कराम, इमाम मसाजिद और दीनी ज़िम्मेदारान की बड़ी तादाद ने शिरकत की।
प्रोग्राम का आगाज़ तिलावत-ए-क़लाम-ए-पाक से बेहद रूहानी माहौल में किया गया, जिसके बाद नात-ए-रसूल-ए-मक़बूल ﷺ पेश की गई। इसके बाद बाक़ायदा तौर पर इजलास का आगाज़ हुआ और मुक़र्रर एजेंडे के तहत माह-ए-मुहर्रमुल हराम की अज़मत व अहमियत को सामने रखते हुए इस मुक़द्दस महीने में फैलने वाली गैर-शरई रसूमात, खुराफ़ात और गलत रिवाजों की रोकथाम के हवाले से तफ़सीली बातचीत की गई।
इजलास में मौजूद उलेमा व इमाम कराम ने एक के बाद एक अपने क़ीमती मशवरे और राय पेश किए और इस बात पर ज़ोर दिया कि अवामुन्नास की सही रहनुमाई वक्त की अहम ज़रूरत है, ताकि लोग दीन-ए-इस्लाम की सही तालीमात को समझ सकें और बिदअत व खुराफ़ात से बच सकें।
इस मौके पर क़ारी शमीम रज़वी साहब ने अपने खिताब में फ़रमाया कि माह-ए-मुहर्रमुल हराम एक बेहद मुक़द्दस और बरकत वाला महीना है, जिसमें हमें सब्र, इबादत और नेकियों की कसरत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ढोल-बाजे, मुरव्वजा ताज़िया-दारी, मस्नूई क़ब्रों की चादरपोशी और दूसरी गैर-शरई रसूमात सरासर नाजायज़ हैं, लिहाज़ा मुसलमानों को इनसे मुकम्मल तौर पर परहेज़ करना चाहिए।
उन्होंने मज़ीद कहा कि इस बरकत वाले महीने में रोज़ा रखने का खास एहतमाम किया जाए, अपने घरों में फ़ातिहा, क़ुरआनख़्वानी, ज़िक्र व अज़कार और सदक़ा व ख़ैरात जैसे आमाल को फ़रोग़ दिया जाए, ताकि अल्लाह तआला की रज़ा हासिल हो और समाज में नेकी और इस्लाह का माहौल क़ायम हो।
इजलास के इख़्तिताम पर इस बात का अज़्म किया गया कि उलेमा-ए-कराम और इमाम मसाजिद अपने-अपने इलाकों में अवाम की इस्लाह के लिए भरपूर कोशिश करेंगे और मुहर्रमुल हराम के दौरान होने वाली खुराफ़ात को रोकने के लिए बेदारी मुहिम चलाएंगे।
इस अहम नशिस्त में मौलाना मुनव्वर साहब, मौलाना रिज़वान साहब, हाफ़िज़ मक़बूल साहब, मौलाना ज़ीशान साहब, मौलाना ऐनुल हक़ साहब, क़ारी यूसुफ साहब, मौलाना सज्जाद नईमी साहब और दीगर उलेमा-ए-कराम शरीक रहे। आख़िर में दुआ के साथ प्रोग्राम का इख़्तिताम हुआ, जिसमें उम्मत-ए-मुस्लिमह की भलाई, अम्न व सलामती और दीन की सरबलंदी के लिए ख़ुसूसी दुआ की गई। #lohardaga #JharkhandNews #dclohardaga #splohardaga District Administration , Lohardaga DC Ranchi