अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता : एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस
अपराध समीक्षा बैठक में थाना प्रबंधकों, चौकी इंचार्जों व क्राइम यूनिट प्रभारियों को दिए सख्त निर्देश
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में पर्यवेक्षण अधिकारियों, थाना प्रबंधकों, क्राइम यूनिट प्रभारियों एवं चौकी इंचार्जों के साथ अपराध समीक्षा बैठक आयोजित कर कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा लंबित मामलों की समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में एएसपी हर्षित गोयल आईपीएस, डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स, डीएसपी सुरेश कुमार सैनी, डीएसपी राजबीर सिंह, डीएसपी नरेंद्र सिंह, डीएसपी नवीन संधू, डीएसपी आत्माराम, डीएसपी मुकेश, डीएसपी प्रणय तथा सभी थाना प्रबंधक, क्राइम यूनिट प्रभारी एवं चौकी इंचार्ज उपस्थित रहें।
अपराध समीक्षा बैठक से पूर्व जिला न्यायवादी श्री संजीव कुमार ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले चालानों की जांच, त्रुटियों को दूर करने तथा निर्धारित समय सीमा में चालान जमा कराने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बैठक में अधिकारियों, थाना प्रबंधकों व चौकी इंजार्जों को निर्देश दिए कि किसी भी मुकदमे की जांच अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए। प्रत्येक मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर निर्धारित समय सीमा में चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं, ताकि पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से महिला विरुद्ध अपराधों के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए तथा थाना प्रबंधक स्वयं उनकी नियमित मॉनिटरिंग करें।
*शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें*
पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि थाना एवं चौकी में शिकायत लेकर आने वाला प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मान और संवेदनशील व्यवहार करें और शिकायतकर्ताओं की बात गंभीरता से सुनकर उनकी शिकायतों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार पुलिस की छवि को प्रभावित करता है और इसे किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि थाना और चौकी स्तर पर आमजन के साथ होने वाला व्यवहार ही पुलिस की वास्तविक पहचान बनाता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए आमजन का विश्वास मजबूत करने का प्रयास करे।
*आदतन अपराधियों और वांछित आरोपियों पर रखें कड़ी नजर*
पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने सभी थाना प्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित गश्त और नाकाबंदी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच की जाए तथा आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उद्घोषित अपराधियों, पीओ और बेल जंपर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। इसके साथ ही लंबित मामलों में वांछित आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करें। अपराध की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा का विश्वास कायम रहे।
*भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति*
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बैठक में पुन: स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अनुशासन, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ सभी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तथा अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।