भटनी के धर्मखोर बाबू में DSR तकनीक एवं जलवायु अनुकूल कृषि पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित
#देवरिया। जनपद देवरिया के भटनी विकास खंड स्थित धर्मखोर बाबू गांव में किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागरूकता गोष्ठी एवं खेत भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की सीधी बुवाई (DSR), आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों से उत्पादन बढ़ाने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में डॉ. अजय पुंडीर, वरिष्ठ वैज्ञानिक, IRRI ने धान की सीधी बुवाई (Direct Seeded Rice–DSR) तकनीक के लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उचित प्रबंधन के साथ इस तकनीक को अपनाने से धान की खेती में पानी और श्रम की आवश्यकता कम करने के साथ उत्पादन लागत में भी बचत की जा सकती है।
वहीं, श्री मिथिलेश सिंह, सीनियर डिप्टी मैनेजर एग्रीकल्चर, यूपी-एग्रीज (UP-AGREES) ने परियोजना के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए किसान उत्पादक समूहों (FPG) के गठन, कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और जलवायु अनुकूल खेती के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने किसानों को बदलती जलवायु की चुनौतियों के अनुरूप कृषि पद्धतियां अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग करने तथा टिकाऊ ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया।
श्री नितीश सिंह, प्रोजेक्ट साइंटिस्ट-III, IRRI ने किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों का चयन, उचित बीज दर, समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण और फसल की नियमित देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी।
गोष्ठी के बाद कृषि विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने खेतों का भ्रमण कर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए आवश्यक तकनीकी सुझाव भी दिए गए।
कार्यक्रम में यूपी-एग्रीज के तकनीकी एसोसिएट एग्रीकल्चर आयूश यादव, बीडी अभिषेक यादव, तकनीकी सहायक एग्रीकल्चर विपुल यादव, संजय कुमार यादव, अनिल सिंह, सुदर्शन तिवारी, सुनील कुमार सिंह, बबलू यादव एवं वीरेंद्र तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
सभी प्रतिभागियों ने किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचाने तथा टिकाऊ और लाभकारी खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग (UP-AGREES) परियोजना के उद्देश्यों के अनुरूप आयोजित किया गया। विश्व बैंक समर्थित इस पहल का उद्देश्य जलवायु-सहिष्णु कृषि को बढ़ावा देना, ग्रामीण उद्यमों का विकास करना तथा लघु एवं सीमांत किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास करना है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ना, कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा जलवायु अनुकूल और लाभकारी खेती को बढ़ावा देना रहा।