पिथौरागढ़ :- सदर की रामलीला में कुंभकर्ण-मेघनाद वध से गूंजा मैदान, रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत !
श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति सदर पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के दशम दिवस कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध, शिव तांडव, रावण वध और रावण पुतला दहन की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। रामायण के इन रोमांचक प्रसंगों ने दर्शकों में खासा उत्साह पैदा किया और पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
लीला में दिखाया गया कि युद्ध में रावण की सेना कमजोर पड़ने लगती है, जिसके बाद कुंभकर्ण को नींद से जगाकर युद्धभूमि में भेजा जाता है। कुंभकर्ण अपनी विशाल काया और पराक्रम से वानर सेना को चुनौती देता है, लेकिन अंततः श्रीराम के हाथों उसका वध हो जाता है। इसके बाद मेघनाद युद्धभूमि में उतरता है और भीषण संग्राम करता है। लंबे संघर्ष के बाद लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं।
इसके बाद रावण का शिव तांडव प्रसंग मंचित किया गया, जिसमें रावण की भक्ति, शक्ति और अहंकार का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिला। अंततः श्रीराम और रावण के बीच निर्णायक युद्ध होता है। श्रीराम के हाथों रावण का वध होते ही अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया। रावण के पुतला दहन के साथ रामलीला मैदान में उत्सव का माहौल बन गया। इस मंचन ने दर्शकों को मर्यादा, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।