कसिया: कुशीनगर में दुलारी सेवा संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय फरूवाही लोक नृत्य उत्सव का समापन
दो दिवसीय लोकगीत एवं फरूवाही नृत्य कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए बुद्ध पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर अमृतांशु शुक्ला ने कहा कि फरूवाही नृत्य प्राचीन समय में विवाह एवं शुभ कार्यों में कराया जाता रहा है लेकिन आज पश्चात सभ्यता के कारण इसका अस्तित्व समाप्त होता नजर आ रहा है इसके संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।