मणिमहेश यात्रा को सुगम बनाने के लिए इनीश इंटरप्राइजेज ने दिए 51 हजार रुपये
होशियारपुर की संस्था ने मणिमहेश ट्रस्ट को सौंपी सहयोग राशि, हर वर्ष लगाती है लंगर सेवा
हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो भरमौर चंबा।
उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लगातार मिल रहा है। इसी कड़ी में इनीश इंटरप्राइजेज पंजाब, होशियारपुर की ओर से मणिमहेश ट्रस्ट को 51 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई है। संस्था के प्रतिनिधि सुनील कुमार और नरेंद्रजीत सिंह ने यह राशि स्वेच्छा से यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं के लिए भेंट की।
संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि मणिमहेश यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा का भी अवसर है। भोलेनाथ के चरणों में अपनी ओर से यह छोटी-सी भेंट श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से दी गई है, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से मणिमहेश पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सकें।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष आई प्राकृतिक आपदा के कारण मणिमहेश यात्रा मार्ग पर सड़क, पुलों और अन्य आवश्यक सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचा था। कई स्थानों पर मार्ग क्षतिग्रस्त होने के चलते यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। इन क्षतिग्रस्त मार्गों और पुलों की मरम्मत तथा यात्रा व्यवस्थाओं को दोबारा बेहतर बनाने के लिए प्रशासन को काफी बजट की आवश्यकता है। ऐसे में सामाजिक संस्थाओं और श्रद्धालुओं का सहयोग यात्रा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हर वर्ष लगाती है लंगर सेवा
इनीश इंटरप्राइजेज की ओर से मणिमहेश यात्रा के दौरान हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिए लंगर सेवा भी लगाई जाती है। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि भविष्य में भी भोलेनाथ के भक्तों की सेवा का यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने अन्य सामाजिक संस्थाओं और श्रद्धालुओं से भी यात्रा व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए आगे आने का आह्वान किया।
मणिमहेश ट्रस्ट की ओर से संस्था का आभार जताते हुए कहा गया कि इस तरह का सहयोग यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में उपयोगी साबित होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन एवं ट्रस्ट की ओर से लगातार कार्य किया जा रहा है।
Dharwala, Chamba | Aug 11, 2026