गोड्डा: दीमक जब किसी पुरानी इमारत की लकड़ी में लगती है, तो वह धीरे-धीरे उसकी बुनियाद और खूबसूरती को अंदर ही अंदर खोखला करने लगती
Godda, Godda | Aug 20, 2026 दीमक जब किसी पुरानी इमारत की लकड़ी में लगती है, तो वह धीरे-धीरे उसकी बुनियाद और खूबसूरती को अंदर ही अंदर खोखला करने लगती है। लेकिन जब यही दीमक किसी शहर की नई, भव्य और करोड़ों रुपए की लागत से बनी सार्वजनिक धरोहर पर नज़र आ जाए, तो यह केवल लकड़ी के नष्ट होने का संकेत नहीं होती, बल्कि यह व्यवस्था की देखरेख और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर उठते सवालों का प्रतीक बन जा