सास की इच्छा बनी बहू की तपस्या: तसले में बैठाकर 90 वर्षीय सास को पैदल परिक्रमा करा रही हरियाणवी सिंगर
नौहझील/मथुरा:
रिश्तों की बदलती तस्वीरों और आज के आधुनिक दौर के बीच ब्रजभूमि से एक ऐसा भावुक कर देने वाला नजारा सामने आया है, जिसने हर किसी की आँखें नम कर दी हैं। जहाँ एक तरफ आज के समाज में बुजुर्गों को बेसहारा छोड़ने या उनकी सेवा से कतराने की खबरें आती हैं, वहीं हरियाणा की एक बहू ने सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश की है।
हरियाणा के गाँव हताना की निवासी और मशहूर हरियाणवी सिंगर काजल चौधरी इन दिनों ब्रज में श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। काजल अपनी 90 वर्षीय वृद्ध सास चन्द्री देवी को एक लोहे के तसले (परात) में बैठाकर, उसे अपने सिर पर रखकर पैदल-पैदल 'ब्रज चौरासी कोस' की कठिन परिक्रमा लगवा रही हैं। बहू का यह अद्भुत समर्पण और अनोखी श्रद्धा देखकर हर कोई उनकी जमकर प्रशंसा कर रही है।
गाँव-गाँव उमड़ रहा है लोगों का हुजूम
मिली जानकारी के मुताबिक, काजल चौधरी ने रविवार को ब्रज के गाँव बनचारी से इस परिक्रमा की शुरुआत की थी। सोमवार सुबह जब वह अपनी सास को सिर पर उठाए गाँव मानागढ़ी पहुँचीं, तो ग्रामीणों को इसकी भनक लगते ही वहाँ लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई इस कलयुगी श्रवण कुमार रूपी बहू को देखने के लिए आतुर नजर आया, जो अपनी वृद्ध सास की इच्छा को अपनी तपस्या बना चुकी हैं।
इस दौरान तसले में बैठी कमजोर और असहाय सास के चेहरे पर जहाँ संतोष और गहरी भक्ति की चमक साफ दिखाई दे रही थी, वहीं सिर पर तसला उठाए पैदल चल रही बहू के कदमों में एक अद्भुत दृढ़ता और सेवा का गौरव नजर आ रहा था।
"सास की इच्छा पूरी करना मेरा फर्ज" — काजल चौधरी
इस अनोखी यात्रा के बारे में बात करते हुए सिंगर काजल चौधरी ने बताया:
"मेरी सास चलने-फिरने में पूरी तरह से असमर्थ हैं। उनके मन में बरसों से ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा लगाने की तीव्र इच्छा थी। सास की यही इच्छा मेरे लिए आदेश बन गई। उन्होंने मुझे जीवन में इतना प्यार और आशीर्वाद दिया है, जिसकी बदौलत आज मेरे पास सब कुछ है। ऐसे में जीवन के इस पड़ाव पर उनकी इच्छा पूरी करना मेरा परम फर्ज है।"
वर्तमान में ब्रजभूमि में इस सास-बहू के अद्भुत और अटूट प्रेम की चर्चा हर जुबान पर है। लोग काजल चौधरी के इस कदम को आधुनिक समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा मान रहे हैं।
Koil, Aligarh | Jun 4, 2026