-जीवन में शांति का मार्ग दिखाता है ‘शांतसुधारस’ ग्रंथ : आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर
- आयड़ जैन तीर्थ में चातुर्मास के दौरान धर्मसभा में दिए प्रेरक प्रवचन
- 6 अगस्त से शुरू होगा 42 दिवसीय श्री सम्मेद शिखर तप
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उदयपुर, 5 अगस्त। तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचलमुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ जारी है। प्रतिदिन आयोजित हो रही धर्मसभाओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आराधक धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि आयड़ तीर्थ के आत्मवल्लभ सभागार में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि जीवन में धन, पद, प्रतिष्ठा, परिवार, यश और वैभव प्राप्त होने के बाद भी मनुष्य को वास्तविक शांति नहीं मिलती। स्थायी शांति केवल आत्मचिंतन, धर्मसाधना और ‘शांतसुधारस’ जैसे आध्यात्मिक ग्रंथों के श्रवण एवं मनन से ही प्राप्त हो सकती है। आचार्यश्री ने कहा कि ‘शांतसुधारस’ एक अद्भुत एवं जीवन को दिशा देने वाला ग्रंथ है। यदि व्यक्ति संसार के दुखों, मोह-माया और असारता से ऊब चुका है तथा उसके अंतर्मन में शाश्वत सुख एवं मोक्ष प्राप्ति की तीव्र अभिलाषा जागृत हो गई है, तो उसके लिए शांतसुधारस का अध्ययन और श्रवण अमृत के समान है। संसार से विरक्ति और मोक्ष के प्रति अनुराग ही इस ग्रंथ को आत्मसात करने की वास्तविक पात्रता है।
उन्होंने कहा कि जब मनुष्य के भीतर संसार का भय और मोक्ष की प्यास जागती है, तभी धर्म का वास्तविक द्वार खुलता है। शांतसुधारस का संदेश व्यक्ति को आत्मकल्याण, संयम और आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है। आचार्यश्री के ओजस्वी एवं प्रभावशाली प्रवचनों का लाभ आयड़ श्रीसंघ के सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहर से पधारे अनेक आराधकों ने भी लिया। श्रद्धालुओं ने कहा कि इन प्रवचनों से जीवन को सकारात्मक दिशा, आत्मिक शांति और धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा मिल रही है।
महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि 6 अगस्त (गुरुवार) से आचार्यश्री की निश्रा में 42 दिवसीय श्री सम्मेद शिखर तप का शुभारंभ होगा। इस कठिन तप आराधना में प्रथम एवं अंतिम बेला में छह-छह उपवास तथा मध्यकाल में 18 उपवास सहित निर्धारित विधि से तप पूर्ण किया जाएगा। इस विशेष साधना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता के लिए तैयारियां कर रहे हैं।
इस अवसर पर कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह नाहर, अशोक जैन, राजेन्द्र जवेरिया, प्रकाश नागोरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जवेरिया, दिनेश बापना, भोपाल सिंह परमार, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
Girwa, Udaipur | Aug 5, 2026