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छात्र आंदोलन की जीत पर कांग्रेस का मौन विजय जुलूस हरदोई। जिला कांग्रेस कमेटी एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को छात्र आंदोलन की जीत के उपलक्ष्य में मौन विजय जुलूस निकाला गया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र शक्ति और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम पांडे एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम दीक्षित के नेतृत्व में निकाला गया यह मौन विजय जुलूस गांधी तिकुनिया पार्क से शुरू होकर महाराजा बिजली पासी चौराहे तक पहुंचा। पूरे कार्यक्रम का आयोजन शांतिपूर्ण एवं गांधीवादी विचारधारा के अनुरूप किया गया। जुलूस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देशभर के छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया और अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उनके अनुसार छात्रों के निरंतर आंदोलन और जनदबाव के बाद केंद्र सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा, जिसे उन्होंने छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत बताया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद महाराजा बिजली पासी चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने रामधुन गाई तथा गांधीवादी विचारधारा, अहिंसा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया। बाद में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं का मिठाई खिलाकर सम्मान किया गया। कांग्रेस नेताओं ने उनके संघर्ष और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनीता देवी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहन सिंह, अनुसूचित जाति विभाग जिला अध्यक्ष विनीत वर्मा, ओबीसी विभाग जिला अध्यक्ष अजीत विशाल, विधि प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष रामबहोर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Bilgram, Hardoi | Jul 25, 2026

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समाधान दिवस में लेखपाल की अभद्र भाषा बनी चर्चा का विषय

हरदोई। पिहानी कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस के दौरान उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई, जब अपनी समस्या लेकर पहुंचे एक फरियादी के साथ कथित तौर पर लेखपाल द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। घटना समाधान दिवस में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।

बताया जा रहा है कि पीड़ित न्याय की उम्मीद लेकर अपनी शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचा था। आरोप है कि सुनवाई के दौरान संबंधित लेखपाल ने फरियादी से अभद्र व्यवहार किया, जिससे वहां मौजूद लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

घटना के समय नायब तहसीलदार संतोष कुशवाहा और पिहानी कोतवाल भी मौके पर मौजूद थे। फरियादी ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की पुष्टि और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

समाधान दिवस में लेखपाल की अभद्र भाषा बनी चर्चा का विषय हरदोई। पिहानी कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस के दौरान उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई, जब अपनी समस्या लेकर पहुंचे एक फरियादी के साथ कथित तौर पर लेखपाल द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। घटना समाधान दिवस में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। बताया जा रहा है कि पीड़ित न्याय की उम्मीद लेकर अपनी शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचा था। आरोप है कि सुनवाई के दौरान संबंधित लेखपाल ने फरियादी से अभद्र व्यवहार किया, जिससे वहां मौजूद लोगों में नाराजगी देखने को मिली। घटना के समय नायब तहसीलदार संतोष कुशवाहा और पिहानी कोतवाल भी मौके पर मौजूद थे। फरियादी ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की पुष्टि और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

Bilgram, Hardoi | Jul 25, 2026

जल सारथी ऐप से अब ग्रामीण जलापूर्ति की जानकारी होगी एक क्लिक पर उपलब्ध

हरदोई। अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) मनीष गंगवार ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जानकारी अब "जल सारथी" ऐप के माध्यम से आसानी से प्राप्त की जा सकती है। इस ऐप के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति से संबंधित रियल टाइम जानकारी उपभोक्ताओं को उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि जल सारथी ऐप के माध्यम से ग्रामीण उपभोक्ता अपने गांव की पेयजल योजना की स्थिति, जलापूर्ति से जुड़ी विभिन्न सेवाओं तथा आवश्यक सूचनाओं को एक क्लिक पर प्राप्त कर सकते हैं। इससे ग्रामीणों को जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों के समाधान में भी सुविधा मिलेगी।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि "जल सारथी" ऐप एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए गूगल प्ले स्टोर तथा आईफोन उपयोगकर्ताओं के लिए ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। उन्होंने ग्रामीण उपभोक्ताओं से ऐप डाउनलोड कर इसकी सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की।

जल सारथी ऐप से अब ग्रामीण जलापूर्ति की जानकारी होगी एक क्लिक पर उपलब्ध हरदोई। अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) मनीष गंगवार ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जानकारी अब "जल सारथी" ऐप के माध्यम से आसानी से प्राप्त की जा सकती है। इस ऐप के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति से संबंधित रियल टाइम जानकारी उपभोक्ताओं को उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि जल सारथी ऐप के माध्यम से ग्रामीण उपभोक्ता अपने गांव की पेयजल योजना की स्थिति, जलापूर्ति से जुड़ी विभिन्न सेवाओं तथा आवश्यक सूचनाओं को एक क्लिक पर प्राप्त कर सकते हैं। इससे ग्रामीणों को जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों के समाधान में भी सुविधा मिलेगी। अधिशासी अभियंता ने बताया कि "जल सारथी" ऐप एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए गूगल प्ले स्टोर तथा आईफोन उपयोगकर्ताओं के लिए ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। उन्होंने ग्रामीण उपभोक्ताओं से ऐप डाउनलोड कर इसकी सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की।

Bilgram, Hardoi | Jul 25, 2026

सरकारी योजनाओं से बदली तकदीर, मत्स्य पालन से सालाना 10 से 15 लाख रुपये कमा रहे अंकित विशाल

हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार की मत्स्य पालन योजनाओं और तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ उठाकर संडीला तहसील के युवा मत्स्य पालक अंकित विशाल ने आधुनिक मत्स्य पालन के क्षेत्र में सफलता की नई मिसाल कायम की है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।

सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. मुनीश कुमार ने बताया कि अंकित विशाल स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे थे, लेकिन लंबे समय तक सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। जानकारी के अभाव में उन्होंने जिला मत्स्य विभाग से संपर्क किया, जहां उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन मिला।

उन्होंने आईसीएआर-सीआईएफए, केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, सीआईएफआरआई सहित अन्य संस्थानों से आधुनिक मत्स्य पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उन्होंने री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) की स्थापना की, जिसके लिए मत्स्य विभाग द्वारा 30 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।

वर्तमान में उनकी इकाई में आठ टैंक संचालित हैं, जिनमें लगभग 60 हजार मछलियों का पालन किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज के उपयोग से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 40 से 45 टन मछली उत्पादन प्राप्त हो रहा है, जिससे सालाना 10 से 15 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हो रहा है। उनके इस उद्यम से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।

सहायक निदेशक ने कहा कि प्रदेश सरकार मत्स्य पालन को लाभकारी एवं वैज्ञानिक व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विभाग की योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और वित्तीय सहायता युवाओं व किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंकित विशाल की सफलता अन्य युवाओं और किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देगी।

सरकारी योजनाओं से बदली तकदीर, मत्स्य पालन से सालाना 10 से 15 लाख रुपये कमा रहे अंकित विशाल हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार की मत्स्य पालन योजनाओं और तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ उठाकर संडीला तहसील के युवा मत्स्य पालक अंकित विशाल ने आधुनिक मत्स्य पालन के क्षेत्र में सफलता की नई मिसाल कायम की है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. मुनीश कुमार ने बताया कि अंकित विशाल स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे थे, लेकिन लंबे समय तक सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। जानकारी के अभाव में उन्होंने जिला मत्स्य विभाग से संपर्क किया, जहां उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन मिला। उन्होंने आईसीएआर-सीआईएफए, केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, सीआईएफआरआई सहित अन्य संस्थानों से आधुनिक मत्स्य पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उन्होंने री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) की स्थापना की, जिसके लिए मत्स्य विभाग द्वारा 30 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। वर्तमान में उनकी इकाई में आठ टैंक संचालित हैं, जिनमें लगभग 60 हजार मछलियों का पालन किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज के उपयोग से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 40 से 45 टन मछली उत्पादन प्राप्त हो रहा है, जिससे सालाना 10 से 15 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हो रहा है। उनके इस उद्यम से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। सहायक निदेशक ने कहा कि प्रदेश सरकार मत्स्य पालन को लाभकारी एवं वैज्ञानिक व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विभाग की योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और वित्तीय सहायता युवाओं व किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंकित विशाल की सफलता अन्य युवाओं और किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देगी।

Bilgram, Hardoi | Jul 25, 2026

संडीला में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, महिला अधिकारों व बाल विवाह निषेध कानून की दी जानकारी

हरदोई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई की अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक तथा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सचिव श्रीमती काव्या सिंह के निर्देशन में शुक्रवार को तहसील संडीला के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

तहसील विधिक सेवा समिति संडीला के सचिव/तहसीलदार अमित यादव के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में वैवाहिक मामलों के प्री-लिटिगेशन स्तर पर निस्तारण, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, महिलाओं के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाएं, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम, बच्चों के कानूनी अधिकार तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य श्रीमती प्रियंका मिश्रा ने की।

लीगल एड क्लीनिक की वंदना कुमारी ने महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों, समानता के अधिकार तथा प्री-लिटिगेशन मध्यस्थता के माध्यम से वैवाहिक विवादों के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर उनका संरक्षण कर सकती हैं।

शिविर में बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 की जानकारी देते हुए बताया गया कि लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह कराना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए दो वर्ष तक के कारावास, एक लाख रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान है। साथ ही बाल विवाह की सूचना पुलिस या सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट को देने की अपील भी की गई।

पीएलवी राममूर्ति ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता के टोल फ्री नंबर 15100 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी। शिविर में विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

संडीला में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, महिला अधिकारों व बाल विवाह निषेध कानून की दी जानकारी हरदोई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई की अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक तथा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सचिव श्रीमती काव्या सिंह के निर्देशन में शुक्रवार को तहसील संडीला के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। तहसील विधिक सेवा समिति संडीला के सचिव/तहसीलदार अमित यादव के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में वैवाहिक मामलों के प्री-लिटिगेशन स्तर पर निस्तारण, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, महिलाओं के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाएं, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम, बच्चों के कानूनी अधिकार तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य श्रीमती प्रियंका मिश्रा ने की। लीगल एड क्लीनिक की वंदना कुमारी ने महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों, समानता के अधिकार तथा प्री-लिटिगेशन मध्यस्थता के माध्यम से वैवाहिक विवादों के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर उनका संरक्षण कर सकती हैं। शिविर में बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 की जानकारी देते हुए बताया गया कि लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह कराना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए दो वर्ष तक के कारावास, एक लाख रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान है। साथ ही बाल विवाह की सूचना पुलिस या सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट को देने की अपील भी की गई। पीएलवी राममूर्ति ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता के टोल फ्री नंबर 15100 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी। शिविर में विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

Bilgram, Hardoi | Jul 24, 2026