बेतालघाट में एक ओर भूख हड़ताल, दूसरी ओर ब्लॉक सभागार में महासंग्राम: जनसमस्याओं पर चर्चा से पहले भिड़े प्रधान संगठन अध्यक्ष और भाजपा मंडल अध्यक्ष
बेतालघाट। क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर जहां एक ओर बेतालघाट सरकारी अस्पताल परिसर में चार युवा लगातार तीसरे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर बुधवार को ब्लॉक मुख्यालय बेतालघाट के सभागार में आयोजित जनकल्याणकारी शिविर और प्रदर्शनी कार्यक्रम के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने पूरे कार्यक्रम की दिशा ही बदल दी।
ब्लॉक सभागार में आयोजित शिविर का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख अंकित साह और बीडीओ पंकज जोशी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने के कुछ ही देर बाद सभागार का माहौल अचानक गरमा गया।
बताया गया कि ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष जेडी कत्यूरा ने मंच पर भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। इस पर भाजपा बेतालघाट मंडल अध्यक्ष प्रताप बोहरा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने सभागार में मौजूद अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को असहज कर दिया। कुछ समय के लिए कार्यक्रम का केंद्र जनसमस्याएं नहीं बल्कि मंच पर छिड़ा यह विवाद बन गया।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सभागार में हड़कंप मच गया। पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बहस लगातार बढ़ती रही। अंततः ब्लॉक प्रमुख अंकित साह और बीडीओ पंकज जोशी के हस्तक्षेप के बाद मामला किसी तरह शांत हो सका। मंच से भाजपा संगठन से जुड़े लोगों के हटने के बाद विवाद थमा और कार्यक्रम आगे बढ़ पाया।
विडंबना यह रही कि जिस समय क्षेत्र के युवा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, उसी समय जनसमस्याओं के समाधान के लिए आयोजित सरकारी शिविर में राजनीतिक तकरार सुर्खियां बटोरती नजर आई।
शिविर के दौरान बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठीं। कुल 39 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बीडीओ ने संबंधित विभागों को शेष समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए और जनहित के मामलों में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
कार्यक्रम में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बेतालघाट को नशामुक्त बनाने का संकल्प भी लिया। वहीं कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर पंचायत प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए इसे जनसमस्याओं के प्रति उदासीनता बताया।
क्षेत्रवासियों के बीच अब चर्चा इस बात की है कि जब बेतालघाट गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है और युवा अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, तब जनमंचों पर समाधान की बजाय राजनीतिक टकराव सामने आना आखिर किस ओर इशारा करता है।
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