मेहगांव निवासी श्री संतोष बघेल की रेत माफिया के डंपर की टक्कर से हुई दर्दनाक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। एक परिवार ने अपना बेटा, अपना सहारा खो दिया, लेकिन उससे भी अधिक पीड़ादायक यह है कि जब शोकाकुल परिजन न्याय की मांग को लेकर सड़क पर शव रखकर चक्काजाम करने को मजबूर हुए, तब उनकी पीड़ा सुनने और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने की खबर सामने आई।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या इस प्रदेश में पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के गरीब परिवारों की आवाज़ इतनी कमजोर हो गई है कि उन्हें न्याय मांगने पर भी लाठियां झेलनी पड़ें?
एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासन का दायित्व पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना होता है, उनकी संवेदनाओं को समझना होता है, न कि उनके आक्रोश को बलपूर्वक दबाना।
दुःख की इस घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ स्वर्गीय संतोष बघेल जी के परिजनों के साथ हैं। मैं प्रशासन से मांग करता हूँ कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए तथा यह भी स्पष्ट किया जाए कि न्याय की गुहार लगा रहे लोगों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया।
न्याय मांगना अपराध नहीं है।
पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ही सच्ची संवेदना होगी।
BJP Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav
Indian National Congress - Madhya Pradesh