सर्वपितृ अमावस्या पर नायन घाट त्यागी जी आश्रम के समीप 120 से अधिक श्रद्धालुओं ने अपने पितृ को तर्पण , पिंडदान और तिलांजलि दी। सुबह 8 बजे श्रद्धालु नायन घाट पर एकत्र हुए जहाँ पूरे विधिविधान से क़रीब तीन घंटों तक लगातार प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आचार्य गौरव व्यास ने तर्पण और पिंडदान करवाया ।16दिनों तक चलने वाले पितृपक्ष का समापन शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या के साथ हुआ। ज्योतिषाचार्य पंडित गौरव जी व्यास के अनुसार, इस अंतिम दिन सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। यदि किसी कारणवश पूरे पक्ष के दौरान या परिजनों की वास्तविक तिथि पर श्राद्ध न किया जा सका हो, तो सर्व पितृ अमावस्या का दिन सभी ज्ञात और अज्ञात पूर्वजों के निमित्त तर्पण करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसीलिए जो निःशुल्क रूप से सामूहिक तर्पण और पिंडदान का हर वर्ष आयोजन किया जाता है।इस वर्ष क़रीब 120 श्रद्धालुओं ने आयोजन का लाभ लिया।कार्यक्रम में पूजन की समस्त सामग्री के भगीरथ श्री प्रफुल्ल जी शुक्ला रहे यजमानों द्वारा कार्यक्रम के पश्चात ब्राह्मण पूजन आदि भी किया गया। कार्यक्रम में पं वेद व्यास, पं मनीष जी शिकारी , पं आयुष व्यास , देवेश जी मेहता एवं ब्रह्म मंडली द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार से पूजन संपन्न करवाया गया। कार्यक्रम के मुख्य आचार्य पं गौरव जी व्यास रहे