एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्रशिक्षण में गतिविधि-आधारित शिक्षण, भाषा और गणितीय दक्षता पर दिया गया विशेष जोर
#देवरिया। रामपुर कारखाना स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने के लिए शिक्षकों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षमता का विकास करना था।
प्रशिक्षण के दौरान पहले दिन एफएलएन के उद्देश्यों, निपुण भारत मिशन तथा आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की गई। दूसरे दिन भाषा शिक्षण की प्रभावी रणनीतियों, पठन कौशल, कहानी, कविता एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पर प्रशिक्षण दिया गया।
तीसरे दिन गणितीय अवधारणाओं, संख्या ज्ञान, खेल-आधारित गतिविधियों तथा टीएलएम (Teaching Learning Material) के प्रभावी उपयोग का अभ्यास कराया गया। चौथे दिन सतत एवं व्यापक मूल्यांकन, समावेशी शिक्षा, कक्षा प्रबंधन तथा बच्चों की सीखने की प्रगति के आकलन पर विस्तृत चर्चा हुई। अंतिम दिन सभी विषयों का पुनरावलोकन, समूह प्रस्तुतियां, अनुभव साझा करने और कार्ययोजना तैयार करने के साथ प्रशिक्षण का समापन किया गया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. रामजियावन मौर्य ने कहा कि एफएलएन प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी सफल होगा, जब प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान और नवाचारी शिक्षण विधियों का प्रभावी उपयोग विद्यालयों में किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों से गतिविधि-आधारित, आनंददायक एवं बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धति अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि डायट से प्रशिक्षित संदर्भदाताओं के माध्यम से प्रत्येक विकासखंड में खंड शिक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जाएगा, जिससे कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों को भाषा एवं संख्यात्मक ज्ञान में शत-प्रतिशत अपेक्षित परिणाम प्राप्त हो सकें।
प्रशिक्षण प्रभारी अनिल कुमार तिवारी ने कहा कि यह प्रशिक्षण प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चों में भाषा एवं गणितीय दक्षता विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए विद्यालयों में सीखी गई गतिविधियों और नवाचारों को लागू करने का संकल्प लिया।
समापन समारोह में संदर्भदाता आदर्श सिंह, उपेंद्र उपाध्याय, आदित्य नारायण, शीला चतुर्वेदी, डायट प्रवक्ता सतीश कुमार मिश्रा, दिलीप कुमार गोंड, शिव प्रताप सिंह, कार्यालय सहायक सत्यम श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार मौर्य, विद्यानंद यादव, तथा संदीप जायसवाल, मारुति नंदन मिश्रा, अग्निवेश कुमार दीक्षित सहित सभी प्रतिभागी उपस्थित रहे।