नेई-नेटी स्कूल में लोक संस्कृति की पाठशाला, विद्यार्थियों ने सीखे नाटी के गुर
सिरमौर की लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए राजकीय उच्च विद्यालय नेई-नेटी में विशेष लोक नृत्य कार्यशाला आयोजित की गई। आसरा संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पद्मश्री विद्यानंद सरैक सहित लोक कलाकारों ने विद्यार्थियों को सिरमौरी नाटी और लोकगीतों का प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला में पद्मश्री विद्यानंद सरैक ने विद्यार्थियों को सिरमौरी नाटी की चारों विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
वहीं लोक गायक रामलाल वर्मा ने लोकगीत गायन, जबकि गोपाल हाब्बी ने गायन, नृत्य और वादन के तालमेल की जानकारी दी। कलाकारों ने पारंपरिक लोक नृत्य का प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को इसकी बारीकियां भी समझाईं।
आसरा संस्था के प्रभारी डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने लोक संस्कृति की मौलिकता और पारंपरिक वेशभूषा के संरक्षण पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि
“हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान है। नई पीढ़ी को लोक कलाओं से जोड़ना जरूरी है, ताकि यह विरासत आगे भी सुरक्षित रहे।”
नेई-नेटी स्कूल में आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही।
न्यूज टुडे हिमाचल के लिए राजगढ़ से रवि दत्त भारद्वाज की रिपोर्ट।