कैमूर में बाढ़-लू-सुखाड़ से निपटने की तैयारी पूरी.
प्रभारी मंत्री ने लिया जायजा
12 नाव, 9 राहत शिविर, 7 टैंकर तैनात | DEOC 24x7 एक्टिव
चापाकल मरम्मत, दवा भंडार, नहर सफाई की समीक्षा | किसानों को अल्प अवधि बीज उपलब्ध
कैमूर प्रभारी मंत्री संजय सिंह "टाइगर" की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में संभावित बाढ़, सुखाड़ और भीषण गर्मी से निपटने को लेकर जिला प्रशासन की तैयारी की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन की विभागवार कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और आम लोगों को हर संभव राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कैमूर बाढ़ प्रवण जिला नहीं है, फिर भी दुर्गावती, रामगढ़ और नुऑव के कुछ इलाकों में बरसाती नदियों व डैम से पानी छोड़ने पर जलजमाव हो सकता है।
बाढ़ प्रबंधन: आंशिक प्रभावित क्षेत्रों के लिए 12 निजी नाव मालिकों से एकरारनामा किया गया है। दुर्गावती में 2, रामगढ़ में 9 और नुऑव में 1 नाव तैनात रहेगी। जिला में 325 पॉलीथीन शीट्स उपलब्ध हैं, 500 अतिरिक्त की मांग पटना से की गई है। आपातकाल के लिए दुर्गावती में 4, रामगढ़ में 3, नुऑव में 1 और भगवानपुर में 1 कुल 9 बाढ़ राहत शिविर चिन्हित हैं। DEOC को 24x7 एक्टिव कर दिया गया है। हेल्पलाइन 06189-222080 और WhatsApp 8544413501 जारी। 19 गोताखोर और 29 लाइफ जैकेट तैयार हैं।
लू-पेयजल प्रबंधन: PHED द्वारा जिले के 11 प्रखंडों में 12 मरम्मत दल तैनात। 2191 चापाकलों में 1483 की मरम्मत पूरी। पेयजल शिकायत हेल्पलाइन 06189-223445। अधौरा, चटनिया टोला, ओखड़गड़ा, कुदरा जैसे क्षेत्रों में 7 टैंकर से पानी आपूर्ति जारी। सभी PHC पर ORS, IV फ्लूइड सहित 185 प्रकार की दवा, सदर अस्पताल में 338 प्रकार की दवा उपलब्ध। एम्बुलेंस अलर्ट मोड पर।
सुखाड़-कृषि: मनरेगा के तहत तालाब-आहर-पइन निर्माण में तेजी। मजदूरों के लिए कार्य समय सुबह 6-11 और शाम 3:30-6:30 तय। कार्यस्थल पर छाया-पानी-प्राथमिक उपचार अनिवार्य। मानसून विलंब पर कृषि विभाग द्वारा उड़द, मूंग, तिल, मक्का, ज्वार, बाजरा, तोरिया जैसे अल्प अवधि बीज वितरण की तैयारी। नहरों की सफाई शुरू।
जिला प्रशासन का लक्ष्य किसानों, आम नागरिकों और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।