चंबा में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासन सख्त, डोर-टू-डोर संग्रहण पर जोर
159 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए एडॉप्शन प्रक्रिया पूरी, भरमौर से दो माह में 102 टन प्लास्टिक सीमेंट प्लांट भेजा गया
चंबा, अक्तूबर 7। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने जिले में प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन को लेकर संबंधित अधिकारियों को डोर-टू-डोर संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों के तहत एडॉप्टेड ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक कचरे का नियमित एवं प्रभावी डोर-टू-डोर संग्रहण सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त मंगलवार को ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में खंड विकास अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में उन्होंने विकासखंड स्तर पर प्लास्टिक कचरे के डोर-टू-डोर संग्रहण की प्रगति की समीक्षा की और खंड विकास अधिकारियों से अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी ली। उन्होंने प्रथम चरण में सेमी-अर्बन क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के संग्रहण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन स्थलों और मासिक शुल्क की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
159 पंचायतों में एडॉप्शन प्रक्रिया पूरी
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों के अनुसार जिले की 159 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए एडॉप्शन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी ग्राम सभा बैठकों में शेष पंचायतों में भी इन प्रावधानों को लागू करने के लिए एडॉप्शन प्रक्रिया पूरी की जाए।
उन्होंने बताया कि विकासखंड भरमौर में पिछले दो माह के दौरान करीब 102 टन प्लास्टिक कचरा सीमेंट प्लांट को भेजा गया है, जिसमें मणिमहेश यात्रा के दौरान एकत्रित प्लास्टिक कचरा भी शामिल है। इसी तरह विकासखंड चंबा में करीब 30 क्विंटल प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर सीमेंट प्लांट भेजा गया है, जबकि सलूणी विकासखंड में दो क्विंटल बेल्ड प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया है।
कई क्षेत्रों में शुरू हुआ डोर-टू-डोर संग्रहण
उपायुक्त ने बताया कि तीसा विकासखंड की ग्राम पंचायत भंजराडू और तीसा-1 तथा भरमौर विकासखंड की ग्राम पंचायत भरमौर और होली में प्लास्टिक कचरे का डोर-टू-डोर एकत्रीकरण शुरू हो चुका है। भटियात विकासखंड की सिहुन्ता और छलाड़ा पंचायतों में पायलट आधार पर जल्द ही यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।
मैहला विकासखंड में एक नवंबर से प्लास्टिक कचरे का डोर-टू-डोर संग्रहण शुरू किया जाएगा। वहीं पांगी विकासखंड में इसके लिए चार जोन चिन्हित किए गए हैं।
पीएम आवास योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विशेष फोकस के साथ टारगेटेड अप्रोच अपनाने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के तहत ऑनलाइन डाटा एंट्री प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने को कहा। इसके अतिरिक्त विभिन्न विकासखंडों में लंबित कार्यों और विभागीय जांच से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने इनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में खंड विकास अधिकारी भरमौर, पांगी, तीसा, भटियात और सलूणी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। जिला विकास अधिकारी तेवेंद्र चनोरिया, अर्थशास्त्री विनोद कुमार, खंड विकास अधिकारी चंबा महेश ठाकुर, मैहला के खंड विकास अधिकारी डॉ. बशीर खान सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
#Chamba #HimachalPradesh #PlasticWasteManagement #SwachhBharatMission #RuralDevelopment #SolidWasteManagement #DoorToDoorCollection #CleanChamba #SwachhHimachal #HimachalNews
Saach, Chamba | Oct 8, 2026