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केदारनाथ रोपवे पर गुप्तकाशी में महापंचायत, केदार घाटी के रोजगार और आजीविका की सुरक्षा को लेकर उठी बुलंद आवाज, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, सीएसआर के तहत 200 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की मांग, पीएमओ और अडानी समूह को भेजा जाएगा ज्ञापन, गुप्तकाशी/रुद्रप्रयाग। केदारनाथ रोपवे परियोजना के संभावित सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को लेकर रविवार को गुप्तकाशी में आयोजित महापंचायत में केदार घाटी के लोगों ने अपनी आजीविका, रोजगार और भविष्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि विकास के साथ स्थानीय लोगों के हितों और रोजगार की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान के आह्वान पर आयोजित इस महापंचायत का शुभारंभ मातृशक्ति द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया गया कि यह महापंचायत पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और इसका उद्देश्य केवल केदार घाटी के लोगों की आवाज को एक मंच प्रदान करना है। महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि रोपवे परियोजना का सबसे अधिक प्रभाव उन हजारों परिवारों पर पड़ेगा, जिनकी आजीविका वर्षों से केदारनाथ यात्रा पर निर्भर है। इनमें घोड़ा-खच्चर संचालक, डंडी-कंडी संचालक, होटल एवं ढाबा व्यवसायी, दुकानदार, टैक्सी संचालक, स्थानीय गाइड तथा पर्यटन एवं तीर्थयात्रा से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। सभी ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए स्थानीय हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। त्रिभुवन चौहान ने कहा कि महापंचायत का उद्देश्य किसी परियोजना का विरोध करना नहीं, बल्कि उससे प्रभावित होने वाले लोगों की भावनाओं, सुझावों और मांगों को सरकार एवं संबंधित कंपनी तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्रवासियों के सुझावों और हस्ताक्षरों के आधार पर एक विस्तृत ज्ञापन तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तथा अडानी समूह को भेजा जाएगा, ताकि केदार घाटी के लोगों की चिंताओं और मांगों से उन्हें अवगत कराया जा सके। उन्होंने अडानी समूह से मांग की कि यदि कंपनी रोपवे परियोजना का निर्माण कर रही है तो अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत केदार घाटी में 150 से 200 बेड का आधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करे। उनका कहना था कि इससे न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि हर वर्ष लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भी आपातकालीन एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। महापंचायत में यह मांग भी प्रमुखता से उठाई गई कि रोपवे परियोजना के निर्माण और संचालन में केदार घाटी के प्रत्येक गांव के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। वक्ताओं ने कहा कि टिहरी और श्रीनगर की बड़ी परियोजनाओं की तर्ज पर यहां भी प्रभावित परिवारों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं पुनर्वास की स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि विकास के साथ स्थानीय लोगों का भविष्य भी सुरक्षित रह सके। महापंचायत में क्षेत्र पंचायत सदस्य देवर अतुल चौहान, घोड़ा-खच्चर यूनियन के संरक्षक अवतार सिंह नेगी, यूकेडी नेता आशुतोष भंडारी, संतोष त्रिवेदी, सुभाष अन्थवाल, अशोक सेमवाल, अंकित गैरोला, कल्पेश चौहान, भूपेंद्र नेगी सहित बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग, मातृशक्ति, स्थानीय व्यवसायी और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान केदार घाटी के रोजगार, आजीविका और क्षेत्रीय विकास को लेकर गंभीर मंथन हुआ तथा स्थानीय हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे की रणनीति बनाने पर सहमति बनी।

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🚨 केदारनाथ यात्रा अपडेट | मुनकटिया स्लाइडिंग ज़ोन में फिर बाधित हुआ यात्रा मार्ग

लगातार बारिश के बीच सोनप्रयाग–गौरीकुंड के मध्य मुनकटिया स्लाइडिंग ज़ोन** में भूस्खलन होने से केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बाधित हो गया है।

🔸 मार्ग पर मलबा और पत्थर आने से आवाजाही रोक दी गई है।
🔸 संबंधित कार्यदायी संस्था जेसीबी और मशीनों की मदद से मार्ग खोलने में जुटी है।
🔸 प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

⚠️ यात्रियों से अपील:
✅ प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
✅ मार्ग खुलने तक सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें।
✅ अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

मार्ग बहाल होते ही यात्रा पुनः सुचारु कर दी जाएगी।

#KedarnathYatra #Kedarnath #Rudraprayag #Sonprayag #Gaurikund #Uttarakhand #Monsoon #TravelUpdate #Landslide #WeatherAlert

🚨 केदारनाथ यात्रा अपडेट | मुनकटिया स्लाइडिंग ज़ोन में फिर बाधित हुआ यात्रा मार्ग लगातार बारिश के बीच सोनप्रयाग–गौरीकुंड के मध्य मुनकटिया स्लाइडिंग ज़ोन** में भूस्खलन होने से केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बाधित हो गया है। 🔸 मार्ग पर मलबा और पत्थर आने से आवाजाही रोक दी गई है। 🔸 संबंधित कार्यदायी संस्था जेसीबी और मशीनों की मदद से मार्ग खोलने में जुटी है। 🔸 प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ⚠️ यात्रियों से अपील: ✅ प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। ✅ मार्ग खुलने तक सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें। ✅ अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। मार्ग बहाल होते ही यात्रा पुनः सुचारु कर दी जाएगी। #KedarnathYatra #Kedarnath #Rudraprayag #Sonprayag #Gaurikund #Uttarakhand #Monsoon #TravelUpdate #Landslide #WeatherAlert

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 20, 2026

🚨 रुद्रप्रयाग में बारिश का कहर, हाई अलर्ट पर प्रशासन🌧️

जनपद में बीती रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर बह रही हैं।

🔹 बेलनी क्षेत्र में अलकनंदा किनारे स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा पूरी तरह जलमग्न हो गई है।
🔹 अलकनंदा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के बेहद करीबपहुंच चुका है।
🔹 जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
🔹 संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और राहत-बचाव दल अलर्ट मोड पर हैं।

⚠️ प्रशासन की अपील:
• नदी-नालों के किनारे न जाएं।
• अनावश्यक यात्रा से बचें।
• मौसम विभाग और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
• अफवाहों पर ध्यान न दें।

#Rudraprayag #Uttarakhand #RainAlert #Alaknanda #Mandakini #Monsoon #WeatherUpdate #disastermanagementagency

🚨 रुद्रप्रयाग में बारिश का कहर, हाई अलर्ट पर प्रशासन🌧️ जनपद में बीती रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर बह रही हैं। 🔹 बेलनी क्षेत्र में अलकनंदा किनारे स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा पूरी तरह जलमग्न हो गई है। 🔹 अलकनंदा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के बेहद करीबपहुंच चुका है। 🔹 जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। 🔹 संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और राहत-बचाव दल अलर्ट मोड पर हैं। ⚠️ प्रशासन की अपील: • नदी-नालों के किनारे न जाएं। • अनावश्यक यात्रा से बचें। • मौसम विभाग और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। • अफवाहों पर ध्यान न दें। #Rudraprayag #Uttarakhand #RainAlert #Alaknanda #Mandakini #Monsoon #WeatherUpdate #disastermanagementagency

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 20, 2026

🚨 केदारनाथ हाईवे बांसबाड़ा में भूस्खलन, राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

लगातार हो रही बारिश के बीच रुद्रप्रयाग जिले के बांसबाड़ा क्षेत्र में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से केदारनाथ हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग) बाधित हो गया है।

🔹 हाईवे बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
🔹 प्रशासन, पुलिस और संबंधित कार्यदायी संस्था की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
🔹 जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

⚠️ यात्रियों से अपील:
✅ सड़क खुलने की आधिकारिक सूचना के बाद ही यात्रा करें।
✅ बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
✅ प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।

लगातार बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

#KedarnathHighway #KedarnathYatra #Rudraprayag #Bansbada #Landslide #Uttarakhand #Monsoon #TravelAlert #WeatherUpdate

🚨 केदारनाथ हाईवे बांसबाड़ा में भूस्खलन, राष्ट्रीय राजमार्ग बंद लगातार हो रही बारिश के बीच रुद्रप्रयाग जिले के बांसबाड़ा क्षेत्र में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से केदारनाथ हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग) बाधित हो गया है। 🔹 हाईवे बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। 🔹 प्रशासन, पुलिस और संबंधित कार्यदायी संस्था की टीमें मौके पर मौजूद हैं। 🔹 जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। ⚠️ यात्रियों से अपील: ✅ सड़क खुलने की आधिकारिक सूचना के बाद ही यात्रा करें। ✅ बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें। ✅ प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। #KedarnathHighway #KedarnathYatra #Rudraprayag #Bansbada #Landslide #Uttarakhand #Monsoon #TravelAlert #WeatherUpdate

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 20, 2026

सावन का पहला सोमवार और ये वीडियो रूद्रप्रयाग के कोटेश्वर महादेव स्थित गुफा का है। मां अलकनंदा नदी उफान पर है। गुफा के नीचे तक नदी का पानी पहुंच गया है।

सावन का पहला सोमवार और ये वीडियो रूद्रप्रयाग के कोटेश्वर महादेव स्थित गुफा का है। मां अलकनंदा नदी उफान पर है। गुफा के नीचे तक नदी का पानी पहुंच गया है।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 20, 2026

सावन के प्रथम सोमवार पर रूद्रप्रयाग जिले के कोटेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों का तांता!! सुरक्षा को लेकर एसडीआरएफ तैनात!!

सावन के प्रथम सोमवार के अवसर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोटेश्वर महादेव मंदिर पहुंच रहे हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

लगातार हो रही भारी बारिश के चलते अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग के येलो अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीम पूरे समय मौके पर तैनात है।
नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को सीधे नदी किनारे नहीं जाने दिया जा रहा है। ऐसे में एसडीआरएफ के जवान स्वयं बाल्टी और लोटे की मदद से अलकनंदा का जल निकालकर श्रद्धालुओं को उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं ने प्रशासन और एसडीआरएफ की इस व्यवस्था की सराहना करते हुए शांतिपूर्वक भगवान कोटेश्वर महादेव के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

सावन के प्रथम सोमवार पर रूद्रप्रयाग जिले के कोटेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों का तांता!! सुरक्षा को लेकर एसडीआरएफ तैनात!! सावन के प्रथम सोमवार के अवसर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोटेश्वर महादेव मंदिर पहुंच रहे हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग के येलो अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीम पूरे समय मौके पर तैनात है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को सीधे नदी किनारे नहीं जाने दिया जा रहा है। ऐसे में एसडीआरएफ के जवान स्वयं बाल्टी और लोटे की मदद से अलकनंदा का जल निकालकर श्रद्धालुओं को उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन और एसडीआरएफ की इस व्यवस्था की सराहना करते हुए शांतिपूर्वक भगवान कोटेश्वर महादेव के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 20, 2026