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Orai, Jalaun | Jul 19, 2022

MORE NEWS

डीएम की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच एसडीएम (न्यायिक) रिंकू सिंह राही के फैसलों का विरोध, बार अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल व महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी को घेरने की चर्चा तेज

#jalaun #orai #कालपी #कोच 

उरई (जालौन)। जालौन में इन दिनों प्रशासनिक सख्ती, न्यायिक पारदर्शिता और अधिवक्ता राजनीति एक साथ चर्चा के केंद्र में हैं। एक ओर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और विभागीय जवाबदेही को लेकर लगातार कड़े निर्णय ले रहे हैं। हाल ही में जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर 24 अधिकारियों के वेतन पर रोक तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिले में अब जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की जा रही है।
इसी क्रम में उपजिलाधिकारी (न्यायिक) रिंकू सिंह राही द्वारा न्यायिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करने की पहल भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके द्वारा जिला बार एसोसिएशन को भेजे गए पत्र में न्यायिक कार्यों के बहिष्कार पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा गया कि यदि किसी अधिवक्ता को कोई शिकायत है तो उसका समाधान कानून और निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाए, न कि न्यायिक कार्य बाधित कर आमजन के हितों को प्रभावित किया जाए।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि न्यायिक कार्यों के बहिष्कार और न्यायालय के कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले कुछ अधिवक्ताओं के संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके बाद अधिवक्ता जगत में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।
इसी बीच जिला बार एसोसिएशन के लोकप्रिय अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल और महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी, जिन्होंने न्यायिक व्यवस्था और संस्थागत मर्यादा के समर्थन की बात कही, उनके विरुद्ध आमसभा बुलाए जाने की सूचना ने अधिवक्ताओं के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। कई अधिवक्ताओं का मानना है कि निर्वाचित नेतृत्व को इस प्रकार घेरने का प्रयास बार की लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रश्न खड़े करता है। अध्यक्ष के निर्देशो की अवेहलना करने की घटना से सभी न्यायिक कार्य कर रहे लोगो मे कलेक्ट्रेड प्रभारी के प्रति गहरी नाराजगी  है लोकप्रिय अध्यक्ष ने सबसे ज्यादा मतो से जितने का रिकार्ड कायम किया।
सूत्रों के अनुसार 5 अगस्त को कलेक्ट्रेट प्रभारी ओम नारायण निरंजन एक राजस्व अधिवक्ता के साथ जजी परिसर पहुंचे, जहां एक युवा पदाधिकारी के माध्यम से आमसभा संबंधी पत्र वितरित किए जाने की चर्चा रही। इस घटनाक्रम के बाद अधिवक्ता समुदाय में विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। एक और चर्चा है जिसकी कोई अधिकारी पुष्टि नही यह भी आरोप  है कि मंत्री जी के इसारे पर वकीलों गुमराह करने काम कार्य रहे है। 
अधिवक्ता वर्ग के एक हिस्से का कहना है कि जब जिला प्रशासन जनहित और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है, तब न्यायिक कार्यों को सुचारु रखने के प्रयासों का संस्थागत स्तर पर समर्थन होना चाहिए। वहीं कुछ अन्य अधिवक्ता इस पूरे घटनाक्रम को बार की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं।
बार परिसर में यह चर्चा भी है कि अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल को अधिवक्ताओं का व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है और उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से नेतृत्व हासिल किया है। ऐसे में उनके तथा महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी के विरुद्ध आमसभा बुलाने की पहल को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। और विवाद की जगह बात-चीत से मसला हल होना चाहिए रिकोर्डिंग पूरे वक्त लाईव रहनी चाहिए जिससे अधिवक्ताओ आचरण भी खुल कर लोगो के सामने आ सकेगा।
#डीएमजालौन
#sdm #वायरल #instagram

डीएम की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच एसडीएम (न्यायिक) रिंकू सिंह राही के फैसलों का विरोध, बार अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल व महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी को घेरने की चर्चा तेज #jalaun #orai #कालपी #कोच उरई (जालौन)। जालौन में इन दिनों प्रशासनिक सख्ती, न्यायिक पारदर्शिता और अधिवक्ता राजनीति एक साथ चर्चा के केंद्र में हैं। एक ओर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और विभागीय जवाबदेही को लेकर लगातार कड़े निर्णय ले रहे हैं। हाल ही में जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर 24 अधिकारियों के वेतन पर रोक तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिले में अब जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की जा रही है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी (न्यायिक) रिंकू सिंह राही द्वारा न्यायिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करने की पहल भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके द्वारा जिला बार एसोसिएशन को भेजे गए पत्र में न्यायिक कार्यों के बहिष्कार पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा गया कि यदि किसी अधिवक्ता को कोई शिकायत है तो उसका समाधान कानून और निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाए, न कि न्यायिक कार्य बाधित कर आमजन के हितों को प्रभावित किया जाए। पत्र में यह भी उल्लेख है कि न्यायिक कार्यों के बहिष्कार और न्यायालय के कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले कुछ अधिवक्ताओं के संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके बाद अधिवक्ता जगत में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच जिला बार एसोसिएशन के लोकप्रिय अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल और महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी, जिन्होंने न्यायिक व्यवस्था और संस्थागत मर्यादा के समर्थन की बात कही, उनके विरुद्ध आमसभा बुलाए जाने की सूचना ने अधिवक्ताओं के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। कई अधिवक्ताओं का मानना है कि निर्वाचित नेतृत्व को इस प्रकार घेरने का प्रयास बार की लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रश्न खड़े करता है। अध्यक्ष के निर्देशो की अवेहलना करने की घटना से सभी न्यायिक कार्य कर रहे लोगो मे कलेक्ट्रेड प्रभारी के प्रति गहरी नाराजगी है लोकप्रिय अध्यक्ष ने सबसे ज्यादा मतो से जितने का रिकार्ड कायम किया। सूत्रों के अनुसार 5 अगस्त को कलेक्ट्रेट प्रभारी ओम नारायण निरंजन एक राजस्व अधिवक्ता के साथ जजी परिसर पहुंचे, जहां एक युवा पदाधिकारी के माध्यम से आमसभा संबंधी पत्र वितरित किए जाने की चर्चा रही। इस घटनाक्रम के बाद अधिवक्ता समुदाय में विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। एक और चर्चा है जिसकी कोई अधिकारी पुष्टि नही यह भी आरोप है कि मंत्री जी के इसारे पर वकीलों गुमराह करने काम कार्य रहे है। अधिवक्ता वर्ग के एक हिस्से का कहना है कि जब जिला प्रशासन जनहित और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है, तब न्यायिक कार्यों को सुचारु रखने के प्रयासों का संस्थागत स्तर पर समर्थन होना चाहिए। वहीं कुछ अन्य अधिवक्ता इस पूरे घटनाक्रम को बार की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं। बार परिसर में यह चर्चा भी है कि अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल को अधिवक्ताओं का व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है और उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से नेतृत्व हासिल किया है। ऐसे में उनके तथा महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी के विरुद्ध आमसभा बुलाने की पहल को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। और विवाद की जगह बात-चीत से मसला हल होना चाहिए रिकोर्डिंग पूरे वक्त लाईव रहनी चाहिए जिससे अधिवक्ताओ आचरण भी खुल कर लोगो के सामने आ सकेगा। #डीएमजालौन #sdm #वायरल #instagram

Orai, Jalaun | Aug 7, 2026

पीएम मोदी ने देशवासियों से 7 अगस्त को हैंडलूम डे मनाने की अपील की, उन्होंने कहा कि हैंडलूम डे मनाएं और GRWM वीडियो भी शेयर करें...' PM मोदी का नया मैसेज

#NationalHandloomDaY #nationalhandloomday #modi #7august #localforvocal❤️

पीएम मोदी ने देशवासियों से 7 अगस्त को हैंडलूम डे मनाने की अपील की, उन्होंने कहा कि हैंडलूम डे मनाएं और GRWM वीडियो भी शेयर करें...' PM मोदी का नया मैसेज #NationalHandloomDaY #nationalhandloomday #modi #7august #localforvocal❤️

Orai, Jalaun | Aug 6, 2026

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में छात्र-छात्राओं को किया गया यातायात नियमों के प्रति जागरूक

जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत कर्नल ईश्वरी सिंह इंटर कॉलेज, शेखपुर बुजुर्ग में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया

उरई (जालौन)।कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी राजेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देशन में किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमनाथ तथा अध्यापकगण विवेक कुलश्रेष्ठ, शशांक सिंह एवं रामेन्द्र गुप्त की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर यातायात प्रभारी वीर बहादुर सिंह, मुख्य आरक्षी सुभाष कुमार, मुख्य आरक्षी अजीत कुमार तथा उनकी टीम द्वारा विद्यार्थियों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने, गलत दिशा में वाहन न चलाने, यातायात संकेतों एवं ट्रैफिक लाइट का पालन करने तथा सड़क पार करते समय आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से यातायात नियमों का स्वयं पालन करने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सभी नागरिकों की सहभागिता पर बल दिया गया। विद्यालय प्रशासन ने इस जागरूकता कार्यक्रम के लिए पुलिस विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में यातायात के प्रति जिम्मेदारी एवं अनुशासन की भावना विकसित करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

#orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में छात्र-छात्राओं को किया गया यातायात नियमों के प्रति जागरूक जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत कर्नल ईश्वरी सिंह इंटर कॉलेज, शेखपुर बुजुर्ग में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया उरई (जालौन)।कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी राजेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देशन में किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमनाथ तथा अध्यापकगण विवेक कुलश्रेष्ठ, शशांक सिंह एवं रामेन्द्र गुप्त की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर यातायात प्रभारी वीर बहादुर सिंह, मुख्य आरक्षी सुभाष कुमार, मुख्य आरक्षी अजीत कुमार तथा उनकी टीम द्वारा विद्यार्थियों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने, गलत दिशा में वाहन न चलाने, यातायात संकेतों एवं ट्रैफिक लाइट का पालन करने तथा सड़क पार करते समय आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से यातायात नियमों का स्वयं पालन करने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सभी नागरिकों की सहभागिता पर बल दिया गया। विद्यालय प्रशासन ने इस जागरूकता कार्यक्रम के लिए पुलिस विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में यातायात के प्रति जिम्मेदारी एवं अनुशासन की भावना विकसित करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Aug 6, 2026

उरई में सड़क बनी अखाड़ा: दो युवकों में जमकर चले हाथ, राहगीर देखते रहे तमाशा: वीडियो वायरल

उरई (जालौन)। शहर के राठ रोड ओवरब्रिज के नीचे गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो युवक बीच सड़क पर आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई और दोनों के बीच काफी देर तक मारपीट होती रही। घटना के चलते सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और यातायात भी प्रभावित हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों युवक एक-दूसरे पर लगातार हमला करते रहे। हैरानी की बात यह रही कि अधिकांश लोग बीच-बचाव करने के बजाय मोबाइल फोन से घटना का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मामला शहरभर में चर्चा का विषय बन गया।

फिलहाल विवाद किस बात को लेकर हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर घटना की जांच की जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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उरई में सड़क बनी अखाड़ा: दो युवकों में जमकर चले हाथ, राहगीर देखते रहे तमाशा: वीडियो वायरल उरई (जालौन)। शहर के राठ रोड ओवरब्रिज के नीचे गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो युवक बीच सड़क पर आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई और दोनों के बीच काफी देर तक मारपीट होती रही। घटना के चलते सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों युवक एक-दूसरे पर लगातार हमला करते रहे। हैरानी की बात यह रही कि अधिकांश लोग बीच-बचाव करने के बजाय मोबाइल फोन से घटना का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मामला शहरभर में चर्चा का विषय बन गया। फिलहाल विवाद किस बात को लेकर हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर घटना की जांच की जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Aug 6, 2026

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बवाल: डॉक्टर से अभद्रता और मेडिकल रजिस्टर फाड़ने का आरोप, वीडियो वायरल

उरई (जालौन)। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार रात उस समय हंगामा मच गया, जब घायल युवकों का मेडिकल कराने पहुंचे एक भाजपा नेता और उनके साथ आए लोगों पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर से अभद्रता करने, मेडिकल रजिस्टर फाड़ने और मेडिकल रिपोर्ट व रेफर लिखवाने का दबाव बनाने के आरोप लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, सड़क पर रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में घायल कुछ युवकों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। मेडिकल की प्रक्रिया के दौरान किसी बात को लेकर डॉक्टर और साथ आए लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि इमरजेंसी वार्ड में हंगामे की स्थिति बन गई।

अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि विवाद के दौरान ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अनुपम मिश्रा के साथ अभद्रता की गई। साथ ही मेडिकल रजिस्टर फाड़ दिया गया और डॉक्टर पर मेडिकल रिपोर्ट तथा रेफरल संबंधी दस्तावेज अपनी मांग के अनुसार तैयार करने का दबाव बनाया गया। अस्पताल कर्मचारियों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही डॉ. अनुपम मिश्रा ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद कुछ समय तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। फिलहाल जानकारी के मुताबिक अभी तक भाजपा नेता की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बवाल: डॉक्टर से अभद्रता और मेडिकल रजिस्टर फाड़ने का आरोप, वीडियो वायरल उरई (जालौन)। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार रात उस समय हंगामा मच गया, जब घायल युवकों का मेडिकल कराने पहुंचे एक भाजपा नेता और उनके साथ आए लोगों पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर से अभद्रता करने, मेडिकल रजिस्टर फाड़ने और मेडिकल रिपोर्ट व रेफर लिखवाने का दबाव बनाने के आरोप लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, सड़क पर रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में घायल कुछ युवकों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। मेडिकल की प्रक्रिया के दौरान किसी बात को लेकर डॉक्टर और साथ आए लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि इमरजेंसी वार्ड में हंगामे की स्थिति बन गई। अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि विवाद के दौरान ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अनुपम मिश्रा के साथ अभद्रता की गई। साथ ही मेडिकल रजिस्टर फाड़ दिया गया और डॉक्टर पर मेडिकल रिपोर्ट तथा रेफरल संबंधी दस्तावेज अपनी मांग के अनुसार तैयार करने का दबाव बनाया गया। अस्पताल कर्मचारियों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही डॉ. अनुपम मिश्रा ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद कुछ समय तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। फिलहाल जानकारी के मुताबिक अभी तक भाजपा नेता की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Aug 6, 2026