गरबे के व्यावसायीकरण का विरोध फिर मुखर
गार्डनों में होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर युवतियों का वीडियो वायरल, भारतीय संस्कृति से खिलवाड़ का लगाया आरोप
देवास। शहर में गार्डनों और निजी स्थानों पर होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर विरोध की आवाज एक बार फिर तेज हो गई है। पिछले दिनों हिंदू संगठनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि गरबा आयोजन केवल माता पंडालों में ही किए जाएं और गार्डनों में होने वाले व्यावसायिक गरबा इवेंट पर रोक लगाई जाए।
संगठनों का आरोप है कि गरबा धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति से जुड़ा आयोजन है, लेकिन निजी आयोजनों में इसके स्वरूप के साथ खिलवाड़ और गरबे के नाम पर फूहड़ता देखने को मिलती है। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी ऐसे आयोजनों के विरोध में आवाज उठी। विरोध के बीच कुछ इवेंट आयोजकों ने गरबा आयोजन नहीं करने के वीडियो भी जारी किए थे।
अब सोशल मीडिया पर सामने आए एक और वीडियो में कुछ युवतियां गार्डनों में होने वाले गरबा आयोजनों का विरोध करती नजर आ रही हैं। वीडियो में उन्होंने ऐसे आयोजनों को भारतीय संस्कृति पर हमला बताते हुए गरबे की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखने की बात कही है।
गरबा आयोजनों को लेकर लगातार सामने आ रहे विरोध के बाद अब निगाह प्रशासन के रुख पर है कि वह निजी और व्यावसायिक गरबा आयोजनों को लेकर क्या कदम उठाता है।