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बेली ब्रिज बंद होते ही मुफ्त फेरी सेवा शुरू, सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक चलेंगे बड़े जहाज; बाइक-साइकिल भी होगी पार
Kahara, Saharsa
| Oct 1, 2026
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विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज हटाने का काम शुरू, 31 दिसंबर तक बंद रहेगा पुल; मुफ्त फेरी सेवा बनी सहारा
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026
बाढ़ में फंसे दिव्यांग की दर्दभरी पुकार, राहत सामग्री पहुंचाने की मांग
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026
विक्रमशिला सेतु पर शुरू हुआ बेली ब्रिज हटाने का काम, 31 दिसंबर तक बंद रहेगा पुल; मुफ्त फेरी सेवा से होगी आवाजाही......see more
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026
सारण में बाढ़ प्रभावितों की सेवा में जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव स्वयं मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लेते और जरूरतमंदों की सहायता करते नजर आए। नाव के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में उन्होंने स्वयं सक्रिय भूमिका निभाई। जिलाधिकारी की यह सक्रियता और मुस्तैदी प्रशासन की संवेदनशीलता एवं त्वरित राहत व्यवस्था को दर्शाती है। विषम परिस्थितियों में जिला प्रशासन की पूरी टीम प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जुटी हुई है। सारण जिला प्रशासन — आपदा की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी ================== सारण, 01 अक्टूबर 2026 ================== जिले में लगातार गंडक नदी में बढ़ते जलस्तर एवं तटबंध टूटने के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन की पूरी टीम कल रात से ही लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। मकेर प्रखंड में दो स्थानों पर तटबंध टूटने के कारण बड़ी मात्रा में पानी का फैलाव हुआ है, जिससे मकेर प्रखंड की सभी पंचायतें तथा अमनौर प्रखंड की कुछ पंचायतें प्रभावित हुई हैं। वहीं, पानी का तेज बहाव परसा प्रखंड की ओर भी हो रहा है। बाढ़ के पानी के कारण NH-722 पर आवागमन एवं संपर्कता भी कुछ स्थानों पर प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की दो टीमों तथा SDRF की एक टीम को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। प्रभावित पंचायतों से लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए SDRF की एक अतिरिक्त टीम, जिसमें लगभग 40 सदस्य शामिल हैं, को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए लगाया गया है। इसी प्रकार पानापुर प्रखंड में भी एक स्थान पर तटबंध टूटने के कारण बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। यहां भी प्रशासन द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। पानापुर प्रखंड में राहत एवं बचाव कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए SDRF की दो टीमें पहुंच चुकी हैं। सामुदायिक रसोई के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक रसोई (Community Kitchen) संचालित की जा रही है। कल शाम से ही सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा आज भी यह व्यवस्था लगातार जारी है। जिले के सभी प्रखंडों में सामुदायिक रसोई प्रारंभ कर दी गई है। कल पूरे जिले में 14 स्थानों पर सामुदायिक रसोई संचालित की गई थी। आज आवश्यकता एवं प्रभावित क्षेत्रों के अनुसार सामुदायिक रसोई की संख्या और बढ़ाई जा रही है। पंचायत एवं आवश्यकता वाले अन्य स्तरों पर भी सामुदायिक रसोई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को भोजन की समस्या न हो। मेडिकल टीम एवं राहत सामग्री की व्यवस्था बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों को भी लगातार सक्रिय रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। मकेर प्रखंड में जहां तटबंध टूटने के कारण क्षेत्र प्रभावित हुआ है, वहां जरूरतमंद परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट का वितरण कल किया गया है। आवश्यकता अनुसार अन्य पंचायतों में भी किया जाएगा। साथ ही प्रभावित पशुपालकों को आवश्यकतानुसार पशु चारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन की अपील जिला प्रशासन द्वारा जिलेवासियों से अपील की गई है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी लोग प्रशासन का सहयोग करें। प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से पानी में जाने से बचें तथा प्रशासन एवं बचाव दल द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जाने पर तत्काल सहयोग करें। जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। NDRF, SDRF, प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन उपलब्ध कराने एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर जारी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
‘10 बजे आएंगे… जो करना है कर लो’, BPSC शिक्षक के कथित जवाब से ग्रामीण नाराज
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026
सिक्सलेन पुल पर ट्रक ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर, 16 साल के किशोर की मौत, साथी गंभीर....see more
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026
सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी ================== सारण, 01 अक्टूबर 2026 ================== जिले में लगातार हो रही वर्षा एवं तटबंध टूटने के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन की पूरी टीम कल रात से ही लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। मकेर प्रखंड में दो स्थानों पर तटबंध टूटने के कारण बड़ी मात्रा में पानी का फैलाव हुआ है, जिससे मकेर प्रखंड की सभी पंचायतें तथा अमनौर प्रखंड की कुछ पंचायतें प्रभावित हुई हैं। वहीं, पानी का तेज बहाव परसा प्रखंड की ओर भी हो रहा है। बाढ़ के पानी के कारण NH-722 पर आवागमन एवं संपर्कता भी कुछ स्थानों पर प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की दो टीमों तथा SDRF की एक टीम को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। प्रभावित पंचायतों से लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए SDRF की एक अतिरिक्त टीम, जिसमें लगभग 40 सदस्य शामिल हैं, को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए लगाया गया है। इसी प्रकार पानापुर प्रखंड में भी एक स्थान पर तटबंध टूटने के कारण बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। यहां भी प्रशासन द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। पानापुर प्रखंड में राहत एवं बचाव कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए SDRF की दो टीमें पहुंच चुकी हैं। सामुदायिक रसोई के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक रसोई (Community Kitchen) संचालित की जा रही है। कल शाम से ही सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा आज भी यह व्यवस्था लगातार जारी है। जिले के सभी प्रखंडों में सामुदायिक रसोई प्रारंभ कर दी गई है। कल पूरे जिले में 14 स्थानों पर सामुदायिक रसोई संचालित की गई थी। आज आवश्यकता एवं प्रभावित क्षेत्रों के अनुसार सामुदायिक रसोई की संख्या और बढ़ाई जा रही है। पंचायत एवं आवश्यकता वाले अन्य स्तरों पर भी सामुदायिक रसोई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को भोजन की समस्या न हो। मेडिकल टीम एवं राहत सामग्री की व्यवस्था बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों को भी लगातार सक्रिय रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। मकेर प्रखंड में जहां तटबंध टूटने के कारण क्षेत्र प्रभावित हुआ है, वहां जरूरतमंद परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट का वितरण कल किया गया है। आवश्यकता अनुसार अन्य पंचायतों में भी किया जाएगा। साथ ही प्रभावित पशुपालकों को आवश्यकतानुसार पशु चारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन की अपील जिला प्रशासन द्वारा जिलेवासियों से अपील की गई है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी लोग प्रशासन का सहयोग करें। प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से पानी में जाने से बचें तथा प्रशासन एवं बचाव दल द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जाने पर तत्काल सहयोग करें। जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। NDRF, SDRF, प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन उपलब्ध कराने एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर जारी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026