छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्रार्थना के दौरान श्लोक और मंत्रों को शामिल करने के ऐतिहासिक फैसले का संत समाज ने दिल खोलकर स्वागत किया है। हाल ही में संत-महात्माओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट कर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने के इस कदम के लिए आभार व्यक्त किया। संतों का मानना है कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा का यह समन्वय नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम साबित होगा।
संतों ने विशेष जोर देते हुए कहा कि स्कूलों में नियमित प्रार्थना और मंत्रोच्चार से बच्चों में न केवल एकाग्रता बढ़ेगी, बल्कि उनके भीतर उच्च नैतिक मूल्यों और संस्कारों का भी विकास होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस निर्णय की सराहना करते हुए संत समाज ने इसे राज्य में सांस्कृतिक पुनरुत्थान और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
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