प्रसूता की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने निजी अस्पताल पर लापरवाही का लगाया गंभीर आरोप
चित्रकूट में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। साईंपुर निवासी डॉ अर्पिता यादव w/O डॉ अवध बिहारी यादव की प्रसव के दौरान इलाज के बाद मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि पहले वे जिला चिकित्सालय पहुंचे, लेकिन उस समय डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद उन्हें निजी संजीवनी अस्पताल कर्वी में भर्ती कराया गया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई।
परिजनों के अनुसार, अर्पिता यादव बी.फार्मा, एम.फार्मा थीं और पीएचडी की पढ़ाई कर रही थीं। वह एक फार्मेसी कॉलेज में कार्यरत भी थीं। उनका कहना है कि वह अपने पैरों से चलकर अस्पताल पहुंची थीं और ऑपरेशन से पहले सामान्य स्थिति में थीं।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान संक्रमण (इन्फेक्शन) हुआ, जिसके बाद उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने कथित तौर पर बताया कि उनके कई अंग फेल हो चुके हैं और इलाज संभव नहीं है। इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।
मामले को लेकर परिजन अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष आना अभी बाकी है। प्रशासन द्वारा जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और किसी संभावित लापरवाही की पुष्टि हो सकेगा
इस मामले की हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
Karwi, Chitrakoot | Jul 8, 2026