उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पुलिस ने कोर्ट में दलील दी है कि मालखाने में रखे सोने के गहने बंदर चुरा ले गए। पुलिसकर्मियों के अनुसार गहनों की पोटली बारिश में भीग गई थी, उसे सुखाने के लिए धूप में रखा गया। इसी बीच बंदर आए और पोटली उठाकर ले गए। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को मानने से मना कर दिया और विभागीय जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीड़ित पक्ष को गहनों के एवज में क्षतिपूर्ति की राशि देने को कहा। मामला 2007 का है। मुदित कुमार अग्रवाल की पत्नी आभा रानी उर्फ जूली अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मुदित समेत उनके पूरे परिवार को आरोपी बनाया गया और वह जेल चले गए। इधर जूली का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने उनके शरीर में मौजूद गहने एक पोटली में बांधकर पुलिस को सौंप दिए। मुदित और उनके परिवार ने लगभग 17 साल तक केस लड़ा और 2024 में निर्दोष साबित हुए। इसके बाद उन्होंने उन गहनों की मांग की, जो उनकी पत्नी ने आत्महत्या के समय पहने थे। इस पर पुलिस ने जवाब दिया कि गहने सुखाने के लिए धूप में रखे थे और उन्हें बंदर उठा ले गए।
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Amroha, Amroha | Jun 23, 2026