गुरु पूर्णिमा पर नारदानंद आश्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब, संत शाश्वतानंद सरस्वती ने दिया आध्यात्मिक संदेश
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#नैमिषारण्य: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम शांति कुटी में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर संत शाश्वतानंद सरस्वती महाराज ने कई जनपदों के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे अपने हजारों श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों को आशीर्वाद प्रदान किया।
अपने आशीर्वचन में संत शाश्वतानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि माना गया है। गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और मनुष्य को धर्म, सत्य एवं आत्मकल्याण का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन संत-महात्माओं का दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। गुरु की कृपा से ही जीवन में सही दिशा, आत्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है।
उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से गुरु परंपरा का सम्मान करने, सदैव सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने तथा समाज में प्रेम, सेवा और सद्भाव की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
इस दौरान जनपद सहित विभिन्न दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे। अनेक भक्तों ने गुरु दीक्षा ग्रहण की, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु भंडारा एवं प्रसाद वितरण की सेवा में बढ़-चढ़कर सहयोग करते दिखाई दिए। पूरे आश्रम परिसर में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन कर अपने जीवन के कल्याण की कामना की।
कार्यक्रम का समापन संत शाश्वत आनंद सरस्वती के आशीर्वचन, सामूहिक प्रार्थना एवं महाप्रसाद वितरण के साथ शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
#रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज
Hardoi, Hardoi | Jul 30, 2026