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गुलाब डड़सेना
सहायक संचालक
जंगल की पगडंडियों पर अब सुरक्षित कदम, चरण पादुका से मिला श्रम को सम्मान
‘मोदी की गारंटी’ से पांच साल बाद फिर शुरू हुई योजना, प्रदेश के 12 लाख 40 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा लाभ
सारंगढ़–बिलाईगढ़ में 18 हजार 225 संग्राहकों को मिला चरण पादुका का लाभ
छत्तीसगढ़ के वनांचल में तेंदूपत्ता संग्रहण हजारों परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। जंगलों में कंटीली झाड़ियों, नुकीले पत्थरों और दुर्गम रास्तों से गुजरते हुए संग्राहक कई घंटे मेहनत करते हैं। ऐसे में चरण पादुका उनके लिए केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और श्रम के सम्मान का माध्यम बन रही है।
करीब पांच वर्ष से बंद चरण पादुका योजना को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘मोदी की गारंटी’ के तहत पुनः प्रारंभ किया है। योजना के माध्यम से प्रदेश के 12 लाख 40 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभान्वित किया जाना है।
जिले में 18 हजार 225 संग्राहक लाभान्वित
सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले में अब तक 18 हजार 225 पात्र तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान की जा चुकी है। वन विभाग द्वारा समितिवार वितरण के साथ ही कार्यक्रम में छूटे पात्र हितग्राहियों के घर-घर पहुंचकर भी चरण पादुका उपलब्ध कराई गई।
बिलाईगढ़, धनसीर, भटगांव, मनपसार, विष्णुपाली, बरमकेला, मल्दा, सहसपानी, बटाऊपाली, तौसीर, झीकीपाली, झाल, बिरनीपाली, केदार, सालर और करनपाली समितियों के संग्राहकों को योजना का लाभ मिला है।
चाटीपाली की महिला संग्राहकों को मिली राहत
चाटीपाली की महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए भी चरण पादुका उपयोगी साबित हो रही है। सुलेखा यादव, प्रेमवती, दिनेश यादव एवं बिमला यादव के परिवारों की महिला संग्राहकों को योजना का लाभ मिला है। उनका कहना है कि चरण पादुका मिलने से जंगल के कंटीले और पथरीले रास्तों पर चलने में सुविधा हुई है तथा पैरों की सुरक्षा बढ़ी है।
तेंदूपत्ता संग्रहण से मिलने वाली आय वनांचल के परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई में सहारा बनती है। ऐसे में चरण पादुका योजना कठिन वन-पथ पर संग्राहकों के कदमों को सुरक्षित बनाकर उनकी आजीविका और श्रम को सम्मान देने वाली महत्वपूर्ण पहल बन रही है।