छतरपुर के नौगांव चोरी केस के फरियादी प्रमोद कुमार तिवारी ने सिविल लाइन पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने फरियादी पर पुलिसकर्मियों से मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया है। पीडित प्रमोद तिवारी का आरोप है कि आज IG के आने की सूचना पर वे सिटी कोतवाली प्रार्थना पत्र देने गए थे। वहां से कंट्रोल रूम और कंट्रोल रूम से सिविल लाइन थाने भेजा गया आरोप है कि सिविल लाइन में उनकी पिटाई की गई।पीडित ने बताया कि IG साहब की जानकारी लगी थी वहां प्रार्थना पत्र देने गया। वहां से पता चला कंट्रोल रूम में हैं, कंट्रोल रूम वालों ने कहा सिविल लाइन चले जाइए। वहां पहुंचा तो पुलिस पहले से खड़ी थी। मेरी मोटरसाइकिल में 50 हजार रुपये रखे थे, मेरी पत्नी के साथ छेड़छाड़ की गई। गेट पर कैमरा लगा है, उसमें सब रिकॉर्ड हुआ है। पटक कर मारा और कहा माल मांगेगा तो चाहे जिसके यहां चला जा। ढाई क्विंटल चांदी हमारे TI ने बेच ली है। डॉक्टर ने बोतल चढ़ाने को कहा, लेकिन पुलिस कर्मियों ने डॉक्टर पर दबाव बनाया कि इसका इलाज नहीं कराना है।,एसपी रजत सकलेचा का कहना है कि नौगांव में पिछले साल चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था। फरियादी विवेचना से संतुष्ट नहीं था, इसलिए कई बार विवेचक बदले गए। फरियादी ने आरोप लगाया था कि जब्त माल पुलिस ने हड़प लिया है, जिसकी एडिशनल SP से जांच कराई गई और आरोप गलत पाए गए।लेकिन देखने में आया है कि आवेदन देने के अलावा भी खुद की जान को हानि पहुंचाने के प्रयास किए जाते हैं, जैसे पूर्व में ज्वलनशील पदार्थ छिड़कना, सल्फास की गोली लाना और कल जहरीला पदार्थ खाने का प्रयास किया गया। जांच असत्य हो चुकी है और दबाव बनाने के लिए जहर खाकर प्रयास किया गया, इसलिए नए कानून की धारा 226 के तहत और एक पुलिसकर्मी की उंगली काटने और दो लोगों को चोटिल करने पर सुसंगत BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि फरियादी को RTI के माध्यम से लिखित जवाब दिया गया है और काउंसलिंग भी कराई गई है। पुलिस चोरी के मामले में रिकवरी का प्रयास कर रही है, लेकिन विधि विरुद्ध कार्य करने पर कार्रवाई जरूरी है।
हिमांशु अग्रवाल
छतरपुर