केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालकों पर प्रशासन की पैनी नजर!!
म्यूल टास्क फोर्स कर रही आईडी-लाइसेंस की जांच, यात्रियों से लिया जा रहा फीडबैक!!
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने घोड़ा-खच्चर संचालन व्यवस्था की निगरानी तेज कर दी है। प्रशासन की म्यूल टास्क फोर्स द्वारा पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालकों और हॉकरों की लगातार निगरानी करते हुए उनके आईडी कार्ड एवं लाइसेंस की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान घोड़ा-खच्चर संचालकों को निर्धारित रूट पर ही संचालन करने तथा यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य पैदल मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के साथ ही घोड़ा-खच्चर सेवा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना है।
म्यूल टास्क फोर्स द्वारा घोड़ा-खच्चर के माध्यम से केदारनाथ धाम की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं से संचालकों के व्यवहार, सेवा और व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक भी लिया जा रहा है। यात्रियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से संचालकों को यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करने, निर्धारित नियमों का पालन करने और यात्रा मार्ग पर अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पैदल मार्ग पर नियमित निगरानी के माध्यम से यात्रा व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित और यात्री हितैषी बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला प्रशासन एवं पुलिस का कहना है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्ग पर निगरानी एवं जांच की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।