सुपौल में महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के अंतर्गत जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW) और सखी वन स्टॉप सेंटर, सुपौल द्वारा सदर प्रखंड के जिला पंचायत संसाधन केंद्र, जगतपुर में आयोजित निर्वाचित महिला पंचायत समिति सदस्यों के क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम में सखी वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह, दहेज प्रथा, लैंगिक भेदभाव, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करना था। जिला मिशन समन्वयक हरिनारायण कुमार ने मिशन शक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, जननी सुरक्षा योजना सहित महिला एवं बाल विकास निगम की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर महिला प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका से बाल विवाह, दहेज प्रथा और लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। लैंगिक विशेषज्ञ नीतू कुमारी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006, विवाह की वैधानिक आयु और बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं सखी वन स्टॉप सेंटर की केन्द्र प्रशासक कुमारी प्रतिभा ने घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली परामर्श, चिकित्सा, कानूनी सहायता, अस्थायी आश्रय और पुलिस सहयोग जैसी सेवाओं की जानकारी देते हुए महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग के बारे में बताया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को महिला अधिकार, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया गया। प्रशिक्षण में त्रिवेणीगंज, निर्मली, प्रतापगंज, पिपरा, बसंतपुर और मरौना प्रखंडों की निर्वाचित महिला पंचायत समिति सदस्य शामिल हुईं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा महिला सशक्तिकरण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
Supaul, Supaul | Jul 24, 2026