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सेवा की कहानी
चरक भवन में उपचार से गंभीर कुपोषण से मुक्त हुआ 7 माह का देवराज
14 दिन के उपचार और पोषण आहार से बढ़ा वजन, स्वस्थ होकर घर लौटा
उज्जैन, 6 अक्टूबर। सांवेर रोड निवासी मजदूर दंपती श्री कमलचंद्र एवं उनकी पत्नी श्रीमती सर्पिता का 7 माह का पुत्र देवराज गंभीर कुपोषण से ग्रसित था। माता-पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। देवराज को दस्त, कमजोरी, निर्जलीकरण और सुस्ती की शिकायत होने पर परिजन उसे जिला चिकित्सालय स्थित चरक भवन लेकर पहुंचे। चिकित्सकीय जांच में देवराज का वजन मात्र 3 किलो 990 ग्राम पाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि उसकी उम्र की तुलना में वजन काफी कम है और वह गंभीर कुपोषण से पीड़ित है। चिकित्सकों की सलाह पर माता-पिता उसे उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के लिए सहमत हुए।
पोषण पुनर्वास केंद्र में देवराज की आवश्यक जांच कर उपचार शुरू किया गया। उसे करीब 14 दिनों तक भर्ती रखकर आवश्यक उपचार के साथ पौष्टिक आहार दिया गया। चिकित्सक डॉ. पूजा गेहलोत, पोषण प्रशिक्षक श्रीमती सोनल ठाकुर एवं केंद्र के स्टाफ ने लगातार निगरानी और देखभाल की। नियमित उपचार एवं पोषण आहार के सकारात्मक परिणाम सामने आए और देवराज का वजन बढ़कर 4 किलो 690 ग्राम हो गया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
डिस्चार्ज के समय देवराज की माता को घर पर पौष्टिक आहार तैयार करने और उसे नियमित रूप से खिलाने का प्रशिक्षण दिया गया। चिकित्सकों द्वारा घर पर भी पोषण आहार जारी रखने तथा नियमित फॉलोअप कराने की सलाह दी गई है। इससे देवराज के वजन एवं शारीरिक विकास में और सुधार होने की उम्मीद है। पोषण पुनर्वास केंद्र में देवराज को निःशुल्क उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही डिस्चार्ज के समय उसके माता-पिता को 1680 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
अब देवराज गंभीर कुपोषण से मुक्त होकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहा है। बेटे के स्वास्थ्य में सुधार से उसके माता-पिता भी खुश हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र में समय पर उपचार, उचित पोषण एवं निरंतर देखभाल से देवराज के स्वास्थ्य में आए बदलाव ने परिवार को राहत दी है।
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Umaria, Madhya Pradesh | Oct 6, 2026