जिले में केवल एक रेत घाट ही खनिज विभाग के रिकार्ड में अभी संचालित है। जबकि पांच रेत घाट का टेंडर निकालकर स्वीकृति के लिए सालभर पहले पर्यावरण विभाग को भेजा गया था मगर अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इसके बाद भी हसदेव, महानदी सहित अन्य सहायक नदियों के बंद रेत घाटों से पिछले डेढ़ साल से दिन रात धड़ल्ले से उत्खनन हो रहा है।